शौक बना हैवानियत! आगरा में जर्मन शेफर्ड का मुंह बांधकर सड़क पर मरने छोड़ा, कैस्पर्स होम ने आधी रात को बचाई जान

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आगरा: ताजनगरी में विदेशी नस्ल के कुत्ते पालने का शौक अब बेजुबानों के लिए काल साबित हो रहा है। रविवार रात वॉटर वर्क्स चौराहे पर एक जर्मन शेफर्ड नस्ल के कुत्ते के साथ हुई दरिंदगी ने समाज के नैतिक पतन की पोल खोल दी है। किसी अज्ञात मालिक ने अपने वफादार पालतू का मुंह बांधकर उसे सड़क किनारे तड़प-तड़प कर मरने के लिए लावारिस छोड़ दिया।

​आधी रात का रेस्क्यू: जब सिस्टम हुआ फेल

​रविवार रात करीब 11:30 बजे कैस्पर्स होम की चेयरपर्सन विनीता अरोड़ा को इस बेजुबान की सूचना मिली। विनीता अरोड़ा के अनुसार, उन्होंने तत्काल मदद के लिए डायल 112 और पशु एम्बुलेंस सेवा से संपर्क साधा, लेकिन आधी रात को कहीं से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अंततः डॉ. नेहरू, उनके स्टाफ और एक स्थानीय दयालु परिवार के सहयोग से कुत्ते को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ रात भर उसकी देखभाल की गई।

​तीसरी बार दोहराई गई खौफनाक वारदात

विनीता अरोड़ा ने बताया कि यह आगरा में तीसरी घटना है जब किसी जर्मन शेफर्ड के पैर और मुंह बांधकर उसे फेंक दिया गया। यह दर्शाता है कि शहर में कुछ लोग बीमार या बूढ़े होने पर अपने पालतू जानवरों को बर्बरता के साथ ठिकाने लगा रहे हैं। वर्तमान में कैस्पर्स होम शेल्टर में 16 से अधिक ऐसे पालतू जानवर हैं जिन्हें उनके मालिकों ने छोड़ दिया है, जिनमें 5 अकेले जर्मन शेफर्ड शामिल हैं।

अवैध ब्रीडिंग: जड़ में है बड़ा फर्जीवाड़ा

​पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस स्थिति के लिए अवैध ब्रीडिंग को जिम्मेदार ठहराया है। अपंजीकृत ब्रीडर्स मिक्स्ड ब्रीड के पिल्लों को शुद्ध नस्ल बताकर बेच देते हैं। जब कुत्ता बड़ा होकर उम्मीद के मुताबिक नहीं दिखता या बीमार होता है, तो मालिक उसे सड़क पर फेंक देते हैं।

विनीता अरोड़ा ने पशु चिकित्सा विभाग से मांग की है कि सभी डॉग ब्रीडर्स के लिए लाइसेंस अनिवार्य हो और पालतू जानवरों की माइक्रोचिपिंग सुनिश्चित की जाए ताकि उनके मालिकों की पहचान हो सके।

​नैतिक पतन का आईना

​यह घटना केवल पशु क्रूरता नहीं है, बल्कि यह बताती है कि स्टेटस सिंबल की दौड़ में हम कितने संवेदनहीन हो चुके हैं। जहाँ एक ओर भारतीय नस्ल के कुत्तों (Indies) को प्रताड़ित किया जाता है, वहीं लाखों खर्च कर खरीदे गए विदेशी कुत्तों को कूड़ेदानों के पास फेंकना समाज की विकृत मानसिकता को उजागर करता है।

Dr. Bhanu Pratap Singh