आगरा (फतेहपुर सीकरी)। कौमी एकता और सूफीवाद के विश्व प्रसिद्ध केंद्र, फतेहपुर सीकरी स्थित हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह पर 456वें सालाना उर्स मुबारक का आगाज 10 मार्च (20 रमजान) से होने जा रहा है। आस्था और रूहानियत के इस 15 दिवसीय समागम में देशभर से अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ेगा। उर्स की शुरुआत नमाज-ए-फज्र के बाद मजार शरीफ के ‘गुस्ल’ (पवित्र स्नान) की रस्म के साथ होगी।
दुर्लभ तबर्रुकात की होगी जियारत
इस उर्स का सबसे खास आकर्षण प्राचीन और पवित्र ‘तबर्रुकात’ की जियारत होगी। जायरीन हजरत मोहम्मद साहब के ‘कदम मुबारक’ (पद चिन्ह) और ‘मुए मुबारक’ के दर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा, गौस-ए-आजम का ‘खर्का’ (चोगा), बाबा फरीद गंज-ए-शकर का पटका और शेख सलीम चिश्ती की ‘कुलाहे मुबारक’ (टोपी) भी अकीदतमंदों के लिए प्रदर्शित की जाएगी। दरगाह के सज्जादानशीन पीरजादा अयाजुद्दीन चिश्ती (रईस मियां) की सरपरस्ती में विशेष दुआ का आयोजन होगा।
बुलंद दरवाजे पर सजेगी मजलिस और कव्वाली
कार्यक्रम के अनुसार, 11 से 18 मार्च तक प्रतिदिन बुलंद दरवाजे पर मजलिस होगी, जहां लंगर और तबर्रुक का वितरण किया जाएगा। 17 मार्च की रात को विशेष ‘महफिल-ए-समा’ (कव्वाली) का आयोजन होगा, जिसमें मशहूर कव्वाल अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे। 19 मार्च की तड़के मजार शरीफ पर ‘कुल शरीफ’ की रस्म अदा की जाएगी।
’रंग-ए-सूफियाना’ और समापन
हजरत शेख सलीम चिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन पीरजादा अरशद फरीदी चिश्ती ने बताया कि 24 मार्च को सांसद राजकुमार चाहर विशेष कार्यक्रम “रंग-ए-सूफियाना” का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूफी कलाम के जरिए अमन, मोहब्बत और भाईचारे का संदेश फैलाना है। उर्स का विधिवत समापन 25 मार्च को बाबा फरीद शकरगंज की फातिहा के साथ होगा।
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