आप अक्सर कोई भी प्रोडक्ट खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट (expiry date) ज़रूर चेक करते होंगे। एक्सपायरी डेट चेक करना हर ग्राहक का कर्तव्य है और अगर कोई प्रोडक्ट एक्सपायर (expire) हो जाता है तो वो हमारे लिए हानिकारक है। पर क्या आपने पानी की बोतल लेते समय उसकी एक्सपायरी डेट चेक की है?
अक्सर लोग पानी की बोतल की एक्सपायरी डेट चेक ही नहीं करते हैं क्योंकि पानी कभी एक्सपायर होता ही नहीं है। फिर क्यों पानी की बोतल पर एक्सपायरी डेट दी जाती है? चलिए जानते हैं कि क्या है इसके पीछे का कारण..
1. सरकारी नियम: FSSAI द्वारा ये नियम बनाया गया है कि हर प्रोडक्ट पर उसके इंग्रेडिएंट, न्यूट्रिशन वैल्यू और बेस्ट बिफोर डेट मेंशन करना ज़रूरी है। इस कारण से पानी की बोतल पर 6 महीने की बेस्ट बिफोर डेट मेंशन की जाती है।
2. प्लास्टिक करता है पानी को दूषित: अधिकार प्लास्टिक की बोतल में ही पानी बेचा जाता है। ज़्यादा समय तक प्लास्टिक में पानी रहने से प्लास्टिक के अणु पानी में घुल जाते हैं जिसे BPA (Biphenyl A) भी कहते हैं। टॉक्सिक पानी पीने से आपको कई गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं।
3. पानी का स्वाद बदल जाता है: मिनरल वाटर ज़्यादा समय तक बोतल में रहने से उसका स्वाद बदल जाता है और वो फ्रेश नहीं लगता है। ऐसा धूप की रोशनी के कारण भी हो सकता है।
प्लास्टिक की बोतल से पानी पीने के नुक्सान
साथ ही प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने के भी कई नुकसान होते हैं क्योंकि प्लास्टिक के अणु पानी में घुलकर आपके शरीर में जाते हैं। इससे आपको कई गंभीर बिमारियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
चलिए जानते हैं कि क्या है प्लास्टिक बोतल के नुकसान।
1. इम्यून सिस्टम होता है प्रभावित: ज़्यादा समय तक पानी प्लास्टिक में रखने से टॉक्सिक हो सकता है। टॉक्सिक पानी होने के कारण पानी आपके इम्यून सिस्टम को भी प्रभावित करता है।
2. लिवर कैंसर : स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यू यॉर्क की एक स्टडी के मुताविक प्लास्टिक वॉटर बोतल में कई माइक्रो प्लास्टिक मौजूद होते हैं। साथ ही प्लास्टिक में phthalates नामक केमिकल होता है जिससे लिवर कैंसर जैसी समस्या हो सकती है।
3. BPA केमिकल: प्लास्टिक में BPA(Biphenyl A) केमिकल भी पाया जाता है जो डायबिटीज, मोटापा, हार्मोनल चेंज जैसी समस्या को बढ़ावा देता है। अगर आप इन बिमारियों से बचना चाहते हैं तो आपको प्लास्टिक की बोतल में पानी नहीं पीना चाहिए।
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