डॉ. भानु प्रताप सिंह
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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat. मैंने अपने 34 वर्ष के पत्रकारीय जीवन में अनेकानेक सम्मान देखे हैं। पैसा देकर अपना सम्मान कराने वाले कार्यक्रम भी देखे हैं। ये कार्यक्रम पंचतारा होटलों में किए जाते हैं। खूब चमक-दमक होती है। अर्धवस्त्रधारी कन्याएं संचालन करती हैं। कोई न कोई वीआईपी मुख्य अतिथि होता है, ताकि सम्मान की विशिष्टता बनी रहे। कुछ वास्तविक सम्मान होते हैं। ऐसा ही एक सम्मान कार्यक्रम नेत्रदान और देहदान कराने वाले परिवारों का हुआ। यह समाचार तो प्रकाशित कर चुका हूँ, जिसका लिंक नीचे है। फिर भी समाचार लिखने के पीछे खास उद्देश्य है।
आगरा विकास मंच, हेल्प आगरा, सत्यमेव जयते ट्रस्ट और श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी ने यह सम्मान कार्यक्रम सुराना भवन, न्यू राजामंडी में किया। देहदान करने वाले 15 और नेत्रदान करने वाले 60 परिवार हैं। इनमें से कुल 65 परिवार कार्यक्रम में आए। इस समारोह में श्री रामलीला कमेटी द्वारा राजा दशरथ घोषित व्यवसायी और समाजसेवी संतोष कुमार शर्मा ने गजब काम किया। उन्होंने प्रत्येक दानी के परिजन को शॉल ओढ़ाई। साथ ही अत्यधिक विनम्रता के साथ जितना झुक सकते थे, उतना झुककर सम्मान दिया। वे सबके आगे करबद्ध ही रहे। बार-बार नेत्रदान और देहदान कराने वाले परिवार को सराहा।

मैं संतोष कुमार शर्मा के बारे में अधिक नहीं जानता हूँ। आज मैंने जानकारी की तो पता चला कि वे अत्यंत समृद्ध हैं और कुछ संस्थाओं को गुपचुप दान करते हैं। दर्जनों बच्चों के कॉलेजों की फीस भरते हैं। अपना घर भरतपुर हाउस को सेवाएं देते हैं। वे लक्ष्मीवान हैं। इतना सब होने के बाद भी जिस तरह से सम्मानित कर रहे थे, वह वाकई अद्भुत बात है। जानकारों का कहना है कि राजा दशरथ बनने के बाद उनकी विनम्रता बढ़ती ही जा रही है।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए आगरा विकास मंच के महामंत्री सुशील जैन ने जब कहा कि नेत्रदान में जैन और ब्राह्मण समाज का योगदान बराबर है तो संतोष कुमार शर्मा खिलखिलाने लगे।
संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि नेत्रदान और देहदान अद्भुत कार्य है। इन दानियों के परिजनों का सम्मान करना हमारा सौभाग्य है। उन्होंने इस कार्य में हर प्रकार की मदद की भी बात कही।
मंच के अध्यक्ष राजकुमार जैन ने कहा, वर्ष 2004 तक आगरा में नेत्रदान शून्य था। आगरा विकास मंच के संस्थापक अशोक जैन सीए ने यह अभियान शुरू किया। एसएन मेडिकल कॉलेज और क्षेत्र बजाजा कमेटी को जोड़ा। फिर सत्यमेव जयते ट्रस्ट ने सहयोग किया।
नेत्रदान और देहदान कराने वाले 65 परिवारों का दिल से भव्य सम्मान, देखें तस्वीरें
उन्होंने कहा कि आगरा अग्रवालों की राजधानी है। अग्रवाल समाज आगरा में रामकथा और भागवत कथा कराता है। संतों से नेत्रदान और देहदान की अपील करवाएं। इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अशोक जैन सीए राम कथा में जाकर संतों से बात करते थे और नेत्रदान की अपील करवाते थे। जैन समाज को हमारे गुरुवरों ने प्रेरित किया है।
मुझे यह लिखने में तनिक भी संकोच नहीं है कि जितना शानदार और भव्य कार्यक्रम था, उतना ही खराब ध्वनिवर्धक था। वक्ता क्या कह रहे हैं, यह सुनने के लिए पूरी ऊर्जा लगानी पड़ रही थी। फिर भी पूरी बात समझ नहीं आ रही थी। माइक व्यवस्था इतनी खराब थी कि संचालक सुशील जैन ने बिना माइक के ही संचालन किया। इस कारण पीछे बैठे लोगों को कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था। पीछे बैठे लोग बातों में मशगूल थे।
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