आगरा। देश की केंद्रीय सरकारी सेवाओं में जाट समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर ताजनगरी आगरा में जाट समाज ने अब अपने आंदोलन को और अधिक तीव्र करने की खुली घोषणा कर दी है। फतेहाबाद रोड स्थित होटल उदय राज पैलेस में ‘अखिल भारतीय जाट महासभा’ के बैनर तले आयोजित एक विशाल और वृहद बैठक में समाज के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रमुख लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान केंद्र सरकार से पुराना वादा जल्द से जल्द पूरा करने की पुरजोर मांग उठाई गई। बैठक में सर्वसम्मति से यह कड़ा निर्णय लिया गया कि अब केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण के अधिकार को पाने के लिए चरणबद्ध तरीके से एक व्यापक और बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जाट महासभा के जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में वक्ताओं ने विस्तार से बताया कि उत्तर प्रदेश में लगभग वर्ष 2000 में एक लंबे और संघर्षपूर्ण आंदोलन के पश्चात जाट बिरादरी को राज्य की प्रांतीय सेवाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची में शामिल किया गया था। हालांकि, देश की केंद्रीय सेवाओं में जाट समुदाय को आरक्षण मिलने का यह महत्वपूर्ण मामला अभी भी लंबित पड़ा हुआ है। महासभा के जिम्मेदार पदाधिकारियों का कहना है कि उनका संगठन वर्ष 2015 से लगातार केंद्र सरकार के समक्ष केंद्रीय सेवाओं में जाट आरक्षण की मांग को पूरी मजबूती से उठाता आ रहा है।
वर्ष 2014 में मिला था केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण
बैठक के दौरान इतिहास को याद करते हुए पदाधिकारियों ने बताया कि मार्च 2014 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के दिवंगत अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह के अथक प्रयासों के बाद केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार ने देश के संपूर्ण जाट समुदाय को केंद्रीय सेवाओं के दायरे में आरक्षण का लाभ देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। हालांकि, इसके ठीक बाद वर्ष 2015 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने तकनीकी कारणों से इस आरक्षण को निरस्त कर दिया था।
जाट महासभा का यह सीधा आरोप है कि अदालत के फैसले के बाद से लगातार केंद्र की एनडीए सरकार से इस आरक्षण को कानूनी प्रक्रिया के तहत बहाल करने की मांग की जाती रही है, लेकिन इतने लंबे अर्से के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। महासभा के प्रतिनिधियों का यह भी कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत सरकार के कई शीर्ष नेतृत्व से समाज के प्रतिनिधिमंडल कई बार औपचारिक मुलाकात कर चुके हैं और उन्हें हर बार सकारात्मक आश्वासन भी मिला है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर देश के युवाओं को अब तक इसका कोई लाभ नहीं मिल सका है।
’इस बार आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार है समाज’
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण की इस पुरानी मांग को केवल कागजी ज्ञापनों और औपचारिकता भरी मुलाकातों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसके लिए जाट समाज ने एक ठोस रणनीति तैयार करते हुए आंदोलन को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाने का खाका खींच लिया है।
इसकी शुरुआत सबसे पहले आगरा जिला कलेक्ट्रेट पर एक जोरदार और विशाल प्रदर्शन के माध्यम से की जाएगी, जिसके बाद देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को संबोधित एक कड़ा ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके पश्चात ग्रामीण अंचल के अकोला और किरावली क्षेत्रों में बड़ी-बड़ी जनसभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन जनसभाओं में देश के नामचीन जाट नेताओं के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दलों के उन तमाम नेताओं को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा जो खुलकर जाट आरक्षण की इस मांग का समर्थन करते आए हैं। इस पूरे आंदोलन को एक सुव्यवस्थित और व्यापक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से एक ’51 सदस्यीय केंद्रीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति’ का गठन भी किया जाएगा, जो आगामी सभी कार्यक्रमों और रणनीतियों का संचालन करेगी।
न्याय पंचायत स्तर तक पहुंचाई जाएगी आंदोलन की अलख
बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशपाल राणा, जाने-माने किसान नेता मोहन सिंह चाहर, बीरपाल सिंह प्रधान और राजवीर सिंह पूर्व प्रधान ने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर इस आर-पार की लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार रहने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब इस मुहिम को न्याय पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा, जहां छोटी-छोटी बैठकें कर लोगों को जागरूक किया जाएगा और आगामी आंदोलन के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण का यह मुद्दा सीधे तौर पर हमारे युवाओं के सुनहरे भविष्य से जुड़ा हुआ है। इस आंदोलन को सफल और अत्यधिक प्रभावी बनाने के लिए समाज के हर तबके, वर्ग और अन्य संगठनों को भी आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आना होगा। इस महत्वपूर्ण बैठक का कुशल संचालन महासभा के महामंत्री वीरेंद्र सिंह छोंकर द्वारा किया गया।
इस वृहद और ऐतिहासिक बैठक में मंडल अध्यक्ष मेघराज सोलंकी, किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह, युवा जाट महासभा के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह वर्मा एडवोकेट, युवा जाट महासभा के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी, पूर्व उप प्रमुख भूदेव सिंह सोगरवाल, उपाध्यक्ष चौधरी नवल सिंह, प्रमेन्द्र फौजदार, निर्मल चाहर, तोरन सिंह चाहर, कुशल पाल सिंह नादऊ, आलोक चौधरी, सतपाल सिंह जूरैल, भरत सिंह चाहर, राहुल जूरैल, सतवीर रावत, सुखवीर सिंह राणा, और विनीत छोंकर सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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