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Agra, Uttar Pradesh, India. डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा तथा हावर्ड विश्वविद्यालय, अमेरिका के संयुक्त तत्वाधान में रिसर्च पेपर राइटिंग एंड टीचिंग पेडागोगी (Pedagogy means the method and practice of teaching, especially as an academic subject or theoretical concept) विषय पर अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला शोध छात्रों तथा नवागत शिक्षकों के लिये बहुत ही उपयोगी रही। पूरे विश्व के विभिन्न देशों के 622 लोगों ने पंजीकृत कराया।
इस कार्यशाला में आकलैंड विश्वविद्यालय अमेरिका के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर आनन्दी पी साहू, कोपिन स्टेट यूनिवर्सिटी अमेरिका के डॉ. एम्युनल अनुरुओ, हावर्ड विश्वविद्यालय अमेरिका के प्रोवोस्ट और चीफ एजुकेशन ऑफिसर डॉ. एंथोनी के वुतोह, सेंटर फ़ॉर ग्लोबल बिजनेस स्टडीज, हॉवर्ड बिज़नेस स्कूल अमेरिका के डायरेक्टर प्रो. नरेन्द्र के रूस्तगी एवं दयालबाग शिक्षण संस्थान आगरा की प्रो. सोना दीक्षित व डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पर्यटन एवं होटल प्रबंधन विभागाध्यक्ष प्रो. लवकुश मिश्र व फिलीपींस के विद्वानों ने विषय पर अपने व्याख्यान दिये।
कार्यशाला का उद्घाटन प्रो. आशु रानी, कुलपति डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय तथा हावर्ड विश्वविद्यालय अमेरिका के प्रोवोस्ट व चीफ एजुकेशन ऑफिसर डॉ. अन्थोनी के वुतोह ने संयुक्त रूप से किया।
प्रोफेसर आशुरानी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षिक साझेदारी के लिये कृत संकल्पित है। साथ मिलकर मानवता के लिये कार्य करेंगे। इस अवसर पर हावर्ड विश्वविद्यालय अमेरिका के चीफ एजुकेशन ऑफिसर डॉ. अन्थोनी के वोतोह, सेंटर फॉर ग्लोबल बिजनेस स्टडीज अमेरिका के डायरेक्टर प्रो. नरेन्द्र के रूस्तगी, ऑकर्लैंड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आनन्दी पी साहू व चोप्पीं स्टेट यूनिवर्सिटी अमेरिका के प्रोफेसर एमुनल अनुरुओ को गुरु वशिष्ठ सम्मान से नवाजा गया।
संचालन कार्यशाला के अन्तराष्ट्रीय निदेशक प्रो. नरेन्द्र के रूस्तगी व प्रो. लवकुश मिश्र ने किया। हॉवर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर तथा सेंटर फॉर ग्लोबल बिजनेस स्टडी के डायरेक्टर प्रोफेसर नरेंद्र के रुस्तगी ने बताया कि भारत की शोध गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए हावर्ड विश्वविद्यालय हर प्रकार की सहायता करने को तैयार है। हम पहले भी डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के साथ कई अंतरराष्ट्रीय सेमिनार तथा संगोष्ठी का आयोजन कर चुके हैं। यह कार्यशाला भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध रिसर्च जर्नल्स में गुणवत्तापूर्ण पेपर लिखने के लिए तथा शिक्षण सुधार के लिए किया गया है।
कार्यशाला में हिमांशु, राहुल राजपूत, सत्यवीर सिंह, मानव अग्रवाल आदि का सहयोग रहा।
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