कटरा। माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब भक्तों को माता की प्राचीन गुफा (प्राचीन मार्ग) से दर्शन करने के लिए केवल दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि रात के समय भी प्राचीन गुफा के दर्शन किए जा सकेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने दर्शन के समय में बड़ा बदलाव किया है।
श्राइन बोर्ड के अनुसार, मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर खोली गई पवित्र प्राचीन गुफा के दर्शन के लिए अब दो विशेष समय तय कर दिए गए हैं, जिससे अधिक संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण गुफा के भीतर से माता के दर्शन कर सकें।
दो शिफ्ट में होंगे प्राचीन गुफा के दर्शन
श्राइन बोर्ड द्वारा जारी व्यवस्था के मुताबिक अब प्राचीन गुफा के दर्शन के लिए सुबह का समय 10:15 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक औऱ रात का समय 10:30 बजे से रात 12:30 बजे तक रहेगा।
इस नई व्यवस्था के बाद श्रद्धालु सुबह के साथ-साथ रात में भी प्राचीन गुफा के अंदर से गुजरते हुए माता के दर्शन कर पाएंगे।
भीड़ नियंत्रण और भक्तों की सुविधा पर फोकस
श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि दर्शन करने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा पहुंचते हैं। ऐसे में प्राचीन गुफा में सीमित समय और सीमित संख्या में प्रवेश होने के कारण कई भक्त दर्शन से वंचित रह जाते थे।
अब रात में दर्शन की सुविधा शुरू होने से श्रद्धालुओं को अतिरिक्त अवसर मिलेगा और मुख्य मार्ग पर दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
साल में केवल दो महीने खुलती है प्राचीन गुफा
बताया जा रहा है कि माता वैष्णो देवी की यह प्राचीन गुफा आमतौर पर साल में केवल दो महीने (जनवरी और फरवरी) के लिए ही खोली जाती है। इसकी वजह यह है कि इन महीनों में अन्य समय की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है और गुफा मार्ग को संचालित करना आसान होता है।
श्राइन बोर्ड के अनुसार, इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए प्राचीन गुफा मार्च के पहले सप्ताह तक खुली रह सकती है।
श्रद्धालुओं में उत्साह, बढ़ेगा आध्यात्मिक अनुभव
प्राचीन गुफा से दर्शन को माता वैष्णो देवी यात्रा का सबसे विशेष और आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है। यह मार्ग बेहद संकरा और प्राकृतिक रूप से निर्मित है, जहां से होकर गुजरने पर भक्तों को माता के प्राचीन स्वरूप और परंपरा से जुड़ने का अवसर मिलता है।
रात में भी दर्शन की सुविधा मिलने के बाद श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया है। कई भक्तों का कहना है कि इससे यात्रा और अधिक सहज होगी और वे अपने समय के अनुसार दर्शन कर सकेंगे।
श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय का पालन करें और सुरक्षा व व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें, ताकि सभी भक्त शांतिपूर्वक मां के दर्शन कर सकें।
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