धर्म और संस्कृति के संगम में झूलेलाल जयंती का भव्य आयोजन
कई हस्तियों का सम्मान, महिलाएं बड़ी संख्या में आईं
डॉ. भानु प्रताप सिंह
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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat. शास्त्रीपुरम सिंधी संगठन द्वारा केदार बैंक्वेट हॉल में भगवान झूलेलाल जयंती के शुभ अवसर पर एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पावन समारोह का शुभारंभ विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सोनी, परमानंद अतवानी, महेश सोनी, भजनलाल प्रधान, मनोहर लाल हंस और पार्षद प्रवीना राजावत, शास्त्रीपुरम जनसेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. भानु प्रताप सिंह (पत्रकार एवं लेखक) ने भगवान झूलेलाल के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर अतिथियों का सम्मान पाखर पहनाकर किया गया, साथ ही स्व. जगदीश जुम्मानी की स्मृति में सम्मान पत्र भी प्रदान किए गए।
संगीत और भक्ति से सजी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
इस भव्य आयोजन में संगीतकार मोहित असरानी द्वारा प्रस्तुत भजन “जेको झूलण जो दीवानो हुए नची करें देखारे” ने भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। शास्त्रीपुरम सिंधी संगठन के अध्यक्ष तरुण कुमार और हर्ष आसनानी ने बताया कि संपूर्ण नगर में भगवान झूलेलाल की भक्ति की लहर प्रवाहित हो रही है और इसी क्रम में सिंधी सेंट्रल पंचायत के पदाधिकारियों के सम्मान में इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आकर्षक सजीव झांकियाँ – भोले बाबा और राधा-कृष्ण की प्रस्तुत की गईं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहीं।

सिंधी समाज ने शास्त्रीपुरम में पहचान बनाई
इस अवसर पर आगरा उत्तर से विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा, “सिंधी समाज ने शास्त्रीपुरम में बहुत कम समय में बड़ी पहचान बनाई है, जो अपने आप में बड़ी बात है। सिंधी समाज के लोग सेवा कार्यों में गतिमान रहते हैं और जो सेवा करता है, उसकी पहचान होती ही है। एक रहेंगे तो नेक रहेंगे, यह हमारी सनातन परंपरा है। सब संकल्प लें कि सुख-दुख के साथी रहेंगे और यही एकता लाने का मंत्र है।”
एकता का यह कारवां जारी रहेगा
सिंधी सेंट्रल पंचायत के क्रांतिकारी अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सोनी ने आगरा में सिंधी एकता के लिए सबको बधाई दी। उन्होंने कहा कि एकता का यह कारवां जारी रहेगा। सिंधी संस्कृति और भाषा को सहेजा जाएगा। उन्होंने अपना उद्बोधन सिंधी भाषा में दिया। कार्यक्रम का संचालन भी सिंधी भाषा में किया गया।

सामाजिक एकता के प्रतीक समाजसेवियों का सम्मान
समारोह में समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शास्त्रीपुरम जनसेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. भानु प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह परमार, सुनील शर्मा, भजनलाल प्रधान, इंद्रलाल मनवानी, दीपक अतवानी, सुनील माखीजा, नितिन सूखेजा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों का भव्य स्वागत किया गया।
सिंधी समाज की एकजुटता और संगठनों की भूमिका
आगरा का सिंधी समाज अपनी एकजुटता, सेवा और संस्कृतिक समर्पण के लिए प्रसिद्ध है। सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सोनी और शास्त्रीपुरम सिंधी संगठन के अध्यक्ष तरुण कुमार की नेतृत्व क्षमता और समाज कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय है। इनके प्रयासों से सिंधी समाज निरंतर उन्नति की ओर अग्रसर है और धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज को एक सूत्र में बाँधने का कार्य कर रहा है।

महिला मंडल की प्रभावशाली भागीदारी
इस आयोजन में रजनी नवलानी, लक्ष्मी गोपी आसनानी, सीमा पंजवानी, लता झामनानी, रितिका जुम्मानी, दीप्ति जुम्मानी, रिया आसनानी, संचिता जुम्मानी, दीपा लालवानी, मनीषा मंगलानी, तुलसा सोनी, निशा सहित अनेक महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने सामूहिक प्रयासों से इस आयोजन को गरिमा प्रदान की।
समाज की सेवा और भविष्य की दिशा
सिंधी समाज न केवल अपनी सांस्कृतिक जड़ों को सहेज रहा है, बल्कि समाज सेवा और आपसी सौहार्द को भी बढ़ावा दे रहा है। इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक चेतना को सशक्त करते हैं, बल्कि समाज की एकजुटता को भी प्रबल बनाते हैं।

उल्लेखनीय उपस्थिति
इस अवसर पर अध्यक्ष तरुण कुमार, महामंत्री हर्ष आसनानी, मीडया प्रभारी कमल जुम्मानी, युगल जुम्मानी, भगवान दास, विनीत करमानी, मनीष कुमार, अशोक सोनी, मनोहर लाल बसंतानी, नरेंद्र झामनानी, मनीष हेमानी, सनी वाढवानी, राजू कुमार सोनी सहित अन्य प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।
भगवान झूलेलाल: एक संक्षिप्त परिचय
भगवान झूलेलाल सिंधी समाज के आराध्य देव माने जाते हैं, जो जल के प्रतीक स्वरूप अवतरित हुए थे। उनका संदेश प्रेम, शांति और धार्मिक सौहार्द का है। वे सत्य, करुणा और भक्ति के प्रतीक हैं, जिनकी आराधना सिंधी समाज में विशेष श्रद्धा के साथ की जाती है।

संपादकीय टिप्पणी: सिंधी समाज की एकता – प्रेरणादायक उदाहरण
भगवान झूलेलाल की भक्ति में रंगे सिंधी समाज की यह एकजुटता न केवल आगरा बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। यह आयोजन इस बात का साक्षी है कि जब समाज एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्थाओं को संजोता है, तो वह आत्मिक और सामाजिक उन्नति के पथ पर अग्रसर होता है।
सिंधी सेंट्रल पंचायत और शास्त्रीपुरम सिंधी संगठन के प्रयासों ने यह सिद्ध कर दिया कि संगठन में शक्ति होती है और जब श्रद्धा एवं समाज सेवा का समावेश होता है, तो समाज प्रगति की ओर अग्रसर होता है। इस भव्य आयोजन ने न केवल भक्ति का वातावरण निर्मित किया बल्कि समाज की एकता और सामूहिकता की भावना को भी बल प्रदान किया।
निश्चय ही, यह आयोजन सिंधी समाज के भविष्य को नई दिशा देने वाला एक स्वर्णिम अध्याय बन गया है।
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