Hathras (Uttar Pradesh, India)। कोरोना के खिलाफ जंग में आशाओ और आशा संगिनियों को उनकी मेहनत का फल देने का आदेश शासन ने दिया था। सभी को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। जिससे आशा कार्यकर्ता भी खुश हैं। कोरोना से बचाव और रोकथाम के लिए आशा कार्यकर्ता तथा आशा संगिनियों की अहम भूमिका को देखते हुए उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक विजय विश्वास पन्त ने प्रोत्साहन राशि जारी की। उन्होने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र कर कहा कि आशा कार्यकर्ता को एक हजार रुपए, शहरी आशा कार्यकर्ता तथा आशा संगिनियों को पांच सौ रुपए की प्रोत्साहन राशि मार्च से जून माह तक की दी जाएगी।
ऐसे करतीं हैं काम
इस महामारी में आशा का महत्वपूर्ण योगदान है। मिशन निदेशक ने मार्च से लेकर जून तक का बजट भी जारी कर दिया है। कोविड -19 संक्रमण से बचाव और बाहर से आए लोगों की स्क्रीनिंग के लिए घर-घर सर्वे आदि कार्य आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनियों ने किए। गांव के हर मोहल्ले में जाकर सर्वे करती हैं। आशा बाहर से आए हुए लोगों का ब्यौरा जुटाती हैं। इसके साथ ही वे सर्वे के दौरान घर के अन्य सदस्यों के हालचाल भी पता करती हैं। वह लगातार पूछती रहती हैं कि घर में किसी को बुखार, जुकाम या खांसी तो नहीं हैं। इसके साथ ही लोगों को याद भी दिलाती रहती हैं कि समय-समय पर साबुन से हाथ धोते रहें, मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें और लोगों से सामाजिक दूरी बनाकर रखें। इसके आलावा आशा कार्यकर्ता प्रवासी के घर के बाहर उचित स्थान पर एक होम क्वारंटीन सम्बंधित पोस्टर लगाती है। जिसे अवधि के समाप्त होने पर हटा दिया जाता है। निगरानी समिति की सदस्य के तौर पर उनकी अहम भूमिका है।
कोरोना के खिलाफ जंग में अहम भूमिका
आशा शिवानी ने कहा कि ये बहुत अच्छी बात हैं कि हमारे कार्य की सरहाना की जा रही है और हम खुश हैं की उच्च अधिकारियों ने ये आशा के प्रोत्साहन राशि जारी की। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. बृजेश राठौर ने बताया कि आशा कार्यकर्ता तथा आशा संगिनियों को प्रोत्साहन राशि जारी की गई है। जिले में यह कोरोना के खिलाफ जंग में अहम भूमिका अदा कर रहीं हैं।
आशाओं की मेहनत को शासन ने सराहा, मिल रही प्रोत्साहन राशि
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