गूगल ने 4 मई से नया फीचर शुरू किया है, जिसका नाम है “पासकीज.” यह लॉगिन करने का सीधा तरीका है। Google पासकी की मदद से आप अपने अकाउंट और अन्य जानकारियों को ज्यादा सुरक्षित रख सकते हैं। ये पासकीज password से ज्यादा सुरक्षित होते हैं। आइये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
क्या है पासकीज?
गूगल पासकीज सुरक्षित पासवर्ड का एक विकल्प है, जो कंफर्मेशन कोड भेजता है. यूजर इन्हें सीधे नहीं देख सकते, बल्कि जीमेल जैसी ऑनलाइन सर्विस इनके जरिये सीधे उस डिवाइस से संवाद करता हैं, जिनमें आप लॉगिन करना चाहते हैं, मसलन फोन या कंप्यूटर. आपको सिर्फ अपनी पहचान की पुष्टि करनी है।
इसके लिए आप पिन कोड या फिर बायोमेट्रिक, यानी ऊंगलियों के निशान या चेहरा या इसी तरह की किसी और चीज का इस्तेमाल कर सकते हैं. गूगल का पासकीज कई तरह के उपकरणों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। आप चाहे आईफोन इस्तेमाल करते हों, मैक कंप्यूटर, विंडोज कंप्यूटर या फिर एंड्रॉयड फोन।
पासवर्ड से क्यों बेहतर हैं पासकी?
हर बार जब आप स्मार्टफोन, टैबलेट या पीसी पर अपने खाते में लॉग इन करते हैं तो Passkey पासवर्ड दर्ज करने की परेशानी को दूर करते हैं। वे 2-स्टेप वेरिफिकेशन के अतिरिक्त चरण को भी हटा देते हैं और सभी प्रमुख प्लेटफार्मों और ब्राउजर पर काम करते हैं। पासवर्ड याद रखना लोगों के लिए परेशानी भरा हो सकता है, खासकर ऐसे समय में जब लोग खुद को सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग क्रेडेंशियल्स वाले कई अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं।
पासवर्ड को हैक करना धीरे-धीरे बहुत आम होता जा रहा है. मजबूत पासवर्ड ज्यादा सुरक्षित हैं, लेकिन सिर्फ तभी तक जब कि आप अनोखे, जटिल और खास पासवर्ड चुनें. हालांकि इसके बाद समस्या इन्हें याद रखने की आती है।
गूगल का कहना है कि यह कम से कम एक मामले में अलग हैं कि यह सब के लिए खास हैं। कोई हैकर किसी डेटिंग साइट की पासकी चुरा कर आपके बैंक अकाउंट पर धावा नहीं बोल सकता।
- दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सम्मान 2026: केंद्रीय हिंदी संस्थान के वरिष्ठ आचार्य प्रो. उमापति दीक्षित सम्मानित - September 11, 2026
- दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सम्मान 2026: केंद्रीय हिंदी संस्थान के वरिष्ठ आचार्य प्रो. उमापति दीक्षित सम्मानित - September 11, 2026
- पर्यावरण संरक्षण की पहल: आगरा में ‘एक पेड़ राष्ट्र के नाम’ अभियान के तहत विभिन्न संस्थानों में हुआ पौधारोपण - September 11, 2026