मुंबई में पहली बार बोनसाय–ओरिगामी प्रदर्शनी का अनोखा आकर्षण, जीजामाता उद्यान प्रकृति और कला के संगम से हुआ जगमग

PRESS RELEASE

मुंबई (अनिल बेदाग)। भायखला स्थित ऐतिहासिक जीजामाता उद्यान इन दिनों एक अनोखे और मनभावन कलात्मक माहौल से सराबोर है। बीएमसी और ट्री अथॉरिटी, मुंबई ने जापान के कॉन्सलेट-जनरल के सहयोग से पहली बार बोनसाय और ओरिगामी की संयुक्त प्रदर्शनी का आयोजन किया है, जिसने उद्यान को प्राकृतिक सौंदर्य और रचनात्मक कला के अद्भुत संगम में बदल दिया है।

शुक्रवार को उद्घाटन के साथ प्रदर्शनी आम जनता के लिए खोल दी गई, जो 30 नवंबर तक पूरी तरह निःशुल्क सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित रहेगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुंबई में जापान के कॉन्सुल जनरल कोजी यागी और बीएमसी के गार्डन सुपरिटेंडेंट जितेंद्र परदेशी मौजूद रहे।

सांस्कृतिक साझेदारी का उत्सव

कोजी यागी ने कार्यक्रम के दौरान कहा, “1965 में मुंबई और योकोहामा को सिस्टर सिटी घोषित किया गया था। 60 साल पुराने इस सांस्कृतिक रिश्ते का जश्न मनाने का यह शानदार अवसर है। सभी मुंबई वासी इस इको-फ्रेंडली प्रदर्शनी को अवश्य देखें।”

प्रदर्शनी में प्रदर्शित ओरिगामी कला में जानवरों, पक्षियों, फूलों और औजारों के दर्जनों मॉडल शामिल हैं, जिन्हें एक ही कागज़ की खूबसूरत फोल्डिंग से बनाया गया है। वहीं बोनसाय सेक्शन में मिनिएचर पेड़ों की अद्भुत कलाकृतियां दर्शकों का मन मोह रही हैं।

परिवारों के लिए खास आकर्षण

बीएमसी के गार्डन सुपरिटेंडेंट जितेंद्र परदेशी ने कहा,
“बोनसाय ऐसी कला है जिसे हर घर में अपनाया जा सकता है। गमलों में पौधे रखने से घर की हवा और वातावरण दोनों बेहतर होते हैं। रविवार तक सभी परिवारों को यहां आकर प्रदर्शनी का अनुभव जरूर करना चाहिए।”

जानकारी के अनुसार बीएमसी पिछले 27 वर्षों से पौधों और पुष्प प्रदर्शनी का सफल आयोजन कर रही है। इसी कड़ी में अगले वर्ष फरवरी 2026 के पहले सप्ताह में भव्य फ्लावर शो भी आयोजित किया जाएगा।

सेलिब्रिटी ने बढ़ाया आकर्षण

कार्यक्रम में फिल्म और टीवी अभिनेत्री तथा सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर एकता जैन भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने दोनों देशों के सहयोग से आयोजित इस प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा, “घर पर गमलों में पौधे लगाना ही वायु प्रदूषण के खिलाफ एक बड़ा कदम है। ऐसी प्रदर्शनियाँ लोगों को प्रकृति से जोड़ने का शानदार माध्यम हैं।”

यह प्रदर्शनी न केवल कला प्रेमियों के लिए, बल्कि परिवारों, बच्चों और प्रकृति के हर चाहने वाले के लिए एक अनूठा अनुभव साबित हो रही है।

Dr. Bhanu Pratap Singh