मुरादाबाद। कैराना सांसद इकरा हसन पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले ठाकुर योगेंद्र सिंह राणा पर आईटी एक्ट, मानहानि एक्ट और महिला का अनादर करने की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सपा अधिवक्ता सभा की महानगर अध्यक्ष सुनीता सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। शनिवार को सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव के नेतृत्व में सपाई एसपी सिटी से मिले थे और आरोपित के विरुद्ध प्राथमिकी के लिए शिकायती पत्र दिया था। आरोपित ने खुद को करणी सेना का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बताया था।
आरोपी ने सोशल मीडिया पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक युवक ने कैराना से सपा सांसद इकरा हसन पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा था कि निकाह कबूल है और सांसद औवेसी खुद को जीजा बुलवाने की कही थी। इस वीडियो को लेकर काफी बवाल हुआ जिसके बाद वीडियो को डीलीट कर दिया गया। शनिवार को सपा के जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह सपा कार्यकर्ताओं के साथ एसपी सिटी से मिले था। जहां सपा अधिवक्ता सभा की महानगर अध्यक्ष सुनिता सिंह ने तहरीर दी थी। इस पर सोमवार को ठाकुर योगेंद्र सिंह पर कई धाराओं पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पूर्व सांसद एसटी हसन ने जताया विरोध
पूर्व सांसद एसटी हसन ने कहा कि इकरा हसन शरीफजादी हैं और एक अच्छे खानदान से ताल्लुक रखती हैं। वह एक मुस्लिम सांसद हैं और उनके खिलाफ इस तरह की अभद्र भाषा निंदनीय है। उन्होंने योगेंद्र राणा के बयान को ईव टीजिंग की श्रेणी में डालते हुए सवाल उठाया कि जब एक महिला सांसद के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम बेटियों की सुरक्षा की कल्पना करना भी मुश्किल है।
डॉ. हसन ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जो सरकार महिला सुरक्षा की बात करती है, ऐसे बयान उसी के दावों पर तमाचा हैं। उन्होंने पूछा कि जब एक सांसद को खुलेआम अपमानित किया जा रहा है और सरकार चुप है, तो आम जनता की बेटियों का क्या होगा?
गौरतलब है कि लंदन से पढ़ाई करके लौटीं इकरा परिवार की राजनीतिक विरासत संभाल रही हैं। एसटी हसन ने इकरा हसन को अपनी “छोटी बहन” बताते हुए कहा कि उनका उनसे कोई राजनीतिक रिश्ता नहीं बल्कि दीनी रिश्ता है। उन्होंने पूछा कि अगर किसी की अपनी बहन के लिए कोई इस तरह बोले, तो क्या वह चुप रह जाएगा?” गौरतलब है कि खुद एसटी हसन भी 2019 में जयाप्रदा पर की गई एक विवादित टिप्पणी के चलते कानूनी विवाद में हैं।
विवादित टिप्पणी सामने आने के बावजूद योगेंद्र राणा न तो पीछे हटे हैं, न ही उन्होंने माफी मांगी है। उल्टा उन्होंने अपने बयान पर कायम रहते हुए कहा “जब आजम खान महिला सांसद के अंडरवियर पर टिप्पणी करता है तो सब चुप रहते हैं। मुसलमान नेता कुछ बोले तो मजाक मान लिया जाता है, लेकिन हिंदू बोले तो FIR हो जाती है। मैं माफी नहीं मांगूंगा।”
उन्होंने खुद को “हिंदू स्वाभिमान की आवाज” बताते हुए इसे “दोहरा मापदंड” बताया और साफ किया कि वे ऐसे बयानों से पीछे नहीं हटेंगे।
इस विवाद ने सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस को जन्म दे दिया है। एक ओर जहां कई यूजर्स इसे महिला अपमान और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला कृत्य बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ यूजर्स राणा के समर्थन में “हिंदू नेताओं की आवाज दबाने की साजिश” का आरोप लगा रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और सोशल मीडिया पर सतर्क निगरानी रखी जा रही है। अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
साभार सहित
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