आगरा। नामी रेस्टोरेंट पिंच ऑफ स्पाइस को ग्राहक की सहमति बिना सर्विस चार्ज वसूलना और आपत्ति पर अभद्र व्यवहार करना महंगा पड़ गया। उपभोक्ता अदालत ने इसे उपभोक्ता अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए रेस्टोरेंट प्रबंधन पर ₹55,000 का जुर्माना लगाया है और भविष्य में ऐसी प्रथा न दोहराने की सख्त हिदायत दी है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा कि सर्विस चार्ज देना पूरी तरह ग्राहक की इच्छा पर निर्भर है, इसे बिल में जबरन जोड़ना कानूनन गलत है। ग्राहक की पूर्व अनुमति के बिना सर्विस चार्ज लगाना अनुचित व्यापारिक व्यवहार की श्रेणी में आता है और यह उपभोक्ता संरक्षण कानून का सीधा उल्लंघन है।
मामले में यह भी सामने आया कि जब ग्राहक ने बिल में जोड़े गए सर्विस चार्ज पर आपत्ति जताई, तो रेस्टोरेंट स्टाफ ने उससे बदसलूकी की। अदालत ने इसे गंभीर माना और कहा कि सेवा देने वाले संस्थान की पहली जिम्मेदारी ग्राहक के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना है।
फैसले में अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में सर्विस चार्ज तभी लिया जाए जब ग्राहक स्वयं स्वेच्छा से देने को तैयार हो। इस निर्णय को उपभोक्ता अधिकारों की बड़ी जीत माना जा रहा है। साथ ही यह शहर के होटल-रेस्टोरेंट कारोबारियों के लिए भी कड़ा संदेश है कि पारदर्शिता और ग्राहक की सहमति सर्वोपरि है।
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