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तीन दिवसीय फ्रांस दौरे पर गए डॉ एस जयशंकर ने भारत-चीन सीमा स्थिति पर प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्री डा एस जयशंकर ने कहा पूर्वी लद्दाख की सीमा पर सैन्य कमांडरों द्वारा हमारे बीच 13 दौर की चर्चा हुई है, जिसके बाद कई जगह समाधान निकला। परिणामस्वरूप, हमने कई बिंदुओं में महत्वपूर्ण प्रगति की है, कुछ बिंदु हैं जिन्हें अभी भी सुलझाया जाना बाकी है।
पेरिस में विदेश मंत्री ने विदेश मंत्री ने साफ किया कि हम वास्तविक नियंत्रण रेखा में एकतरफा बदलाव के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा हम पूरी तरह से स्पष्ट हैं कि हम LAC पर यथास्थिति में किसी भी बदलाव को स्वीकार नहीं करेंगे।
आपको बता दें कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार (20 फरवरी) को फ्रांस की अपनी तीन दिवसीय यात्रा शुरू की है। जयशंकर ने 22 फरवरी को इंडो-पैसिफिक में सहयोग के लिए यूरोपीय संघ के मंत्रिस्तरीय फोरम में भाग लिया था, जो यूरोपीय परिषद के फ्रेंच प्रेसीडेंसी की एक पहल है। विदेश मंत्री फोरम के इतर यूरोपीय संघ और अन्य हिंद-प्रशांत देशों के समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी की। साथ ही उन्होंने फ्रेंच इंस्टीट्यूट आफ इंटरनेशनल रिलेशंस (आइएफआरआइ) को भी संबोधित किया। यहां विदेश मंत्री ने चीन को कड़ी चेतावनी दी।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा हम पूरी तरह से स्पष्ट हैं कि हम LAC पर यथास्थिति में किसी भी बदलाव को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा पूर्वी लद्दाख की सीमा पर सैन्य कमांडरों द्वारा हमारे बीच 13 दौर की चर्चा हुई है, जिसके बाद कई जगह समाधान निकला। हमने कई बिंदुओं में महत्वपूर्ण प्रगति की है, कुछ बिंदु हैं जिन्हें अभी भी सुलझाया जाना बाकी है।
-एजेंसियां
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