
आगरा। टी-20 क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम द्वारा इंग्लैंड को धूल चटाने के साथ ही ताजनगरी आगरा में उत्सव का माहौल बन गया। जैसे ही मैच का आखिरी विकेट गिरा और भारत की जीत पक्की हुई, पूरा शहर ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूँज उठा। आधी रात के बावजूद लोग घरों से बाहर निकल आए और सड़कों पर जीत का जश्न मनाया।
सड़कों पर उतरा जनसैलाब
शहर के एमजी रोड, खंदारी, कमला नगर और शाहगंज जैसे प्रमुख इलाकों में क्रिकेट प्रेमियों का हुजूम उमड़ पड़ा। युवा हाथों में तिरंगा लेकर बाइक और कारों पर निकल आए। ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते क्रिकेट प्रेमियों ने इस जीत को ‘ऐतिहासिक बदला’ करार दिया। कई जगहों पर लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर और मिठाइयां खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की।
आतिशबाजी से नहाया आसमान
मैच खत्म होते ही आगरा के विभिन्न गली-मोहल्लों और चौराहों पर जोरदार आतिशबाजी शुरू हो गई। पटाखों की गूँज ऐसी थी मानो दिवाली का त्योहार हो। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन की चर्चा करता नजर आया। विशेष रूप से रोहित शर्मा की कप्तानी और स्पिनरों की फिरकी के जादू की हर तरफ सराहना हुई।
अब ‘विश्व विजेता’ बनने की बारी
जश्न में डूबे आगरा के युवाओं का कहना है कि जिस तरह टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को चारों खाने चित किया है, उससे आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। अब ताजनगरी को बेसब्री से फाइनल मुकाबले का इंतजार है। क्रिकेट प्रशंसकों ने मंदिर और देवालयों में टीम इंडिया की खिताबी जीत के लिए प्रार्थनाएं भी शुरू कर दी हैं।
देर रात तक बना रहा उल्लास
बाजारों और कॉलोनियों में जश्न का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया ताकि जश्न के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे। पूरे शहर में केवल एक ही चर्चा रही— ‘कप हमारा है!’
- बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जे एन टंडन ने अपने पिता कामरेड महादेव नारायण टंडन के बारे में यह क्या कह दिया - April 28, 2026
- जनतंत्र में शिक्षा शास्त्र: लोकतंत्र के प्रहरी तैयार करने का ऐतिहासिक संकल्प, महादेव नारायण टंडन को श्रद्धांजलि - April 28, 2026
- गाय को राष्ट्र माता घोषित कराने के लिए एक ही दिन 5000 तहसीलदारों को ज्ञापन - April 28, 2026