Agra, Uttar Pradesh, India. उत्तर प्रदेश के आगरा पुलिस और राजस्थान की धौलपुर पुलिस बधाई की पात्र है। कारण यह है कि पुलिस ने संयुक्त प्रयास से अपहृत डॉक्टर उमाकांत गुप्ता (डॉ. यूके गुप्ता) को 30 घंटे बाद बदमाशों के चंगुल से मुक्त करा लिया है। पुलिस ने धौलपुर के बीहड़ में ऐसा जाल बिछाया कि एक युवक और एक युवती को भी धरदबोचा। पूछताछ में पता चला कि डॉक्टर के घर वालों से पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। फिरौती वसूल पाते कि पुलिस के हत्थे चढ़ गए। आगरा की ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी डॉ. उमाकांत गुप्ता का अपहरण मंगलवार शाम को किया गया था। अपहरण का अंदाज बिलकुल फिल्मी था।
युवती के संग लॉन्ग ड्राइव पर गए और अपहरण हो गया
यह भी पता चला कि डॉक्टर का अपहरण एक युवती के चक्कर में हुआ है। इस तरह के मामलों को आजकल सभ्य भाषा में ‘हनीट्रैप’ कहा जाता है। डॉक्टर साहब युवती के साथ मजे लेने के लिए लॉन्ग ड्राइव पर चले गए। फिर उनका अपहरण हो गया। डॉक्टर का अपहरण बदन सिंह तोमर गैंग ने किया। पुलिस की सख्ती देख बदमाश डॉक्टर को धौलपुर के बसई डांग इलाके में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि गैंग के सरगना की तलाश की जा रही है। जल्दी ही गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने गुरुवार दोपहर को प्रेसवार्ता का पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।

मंगलवार शाम 7.30 से गायब थे
डॉ. उमाकांत गुप्ता का ट्रांस यमुना क़ॉलोनी में हाईवे के सर्विस रोड पर विद्या नर्सिंग होम है। वे मंगलवार शाम 7.30 बजे मोबाइल पर कॉल आने के बाद घर से निकले थे। इसके बाद वापस नहीं पहुंचे। मंगलवार रात 11 बजे परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। उनके मोबाइल की अंतिम लोकेशन सैंया क्षेत्र में मिली थी। इसलिए पुलिस को धौलपुर के गैंग पर अपहरण का शक था।
मिलने के बहाने बुलाया
युवती ने चिकित्सक को मिलने के बहाने भगवान टॉकीज पर बुलाया। इसके बाद लॉन्ग ड्राइव पर ले जाने के लिए गाड़ी में बैठ गई। उसके साथी भी बाइक से आ रहे थे। तभी युवती उन्हें ग्वालियर मार्ग की तरफ ले गई। रास्ते में रोहता के पास बदमाशों ने गाड़ी को कब्जे में ले लिया। इसके बाद चिकित्सक को धौलपुर की तरफ ले गए। धौलपुर के दिहोली क्षेत्र में चंबल नदी के पास डॉक्टर को रखा गया था। यह इलाका बीहड़ का है। देर रात पुलिस ने घेराबंदी कर ली। इसके बाद बदमाश डॉक्टर को छोड़कर भाग निकले। पुलिस अधीक्षक नगर बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि पुलिस ने युवती और एक बदमाश को गिरफ्तार किया है।

पहले इन चिकित्सकों का हो चुका है अपहरण
आगरा में पहले भी डॉक्टर का अपहरण हो चुका है। वर्ष 2005 में गैंग ने हरीपर्वत क्षेत्र से डॉ. जीजी धीर का अपहरण किया था। वर्ष 2017 में दंत चिकित्सक निखिल बंसल को गैंग उठा ले गया था। डॉ. निखिल बंसल को फिरौती वसूलने के बाद छोड़ा गया था। डॉ. उमाकांत गुप्ता को पुलिस ने बिना फिरौती के मुक्त करा लिया है।
बदमाशों के चंगुल से छूटने के बाद डॉ. उमाकांत गुप्ता ने जो कहानी बताई वह इस प्रकार है-
एक महीने पहले एक युवक का ऑपरेशन कराने के लिए अंजली नाम की युवती आई थी। युवती ने कहा कि वह मथुरा की रहने वाली है। युवक उसका भाई है। उसके पथरी थी। 15 दिन पहले चिकित्सक के बेटे ने युवक का ऑपरेशन किया था। इस दौरान युवती ने चिकित्सक से कहा कि वह विधवा है। कोई सहारा नहीं है। नौकरी लगवा दो। डॉक्टर उसे दिलासा दिया और कहा कि अभी उनके अस्पताल में कोई जगह खाली नहीं है। कहीं कुछ होता है तो बताता हूं।
युवती अक्सर नौकरी के संबंध में उन्हें फोन करने लगी। घटना वाले दिन भी युवती ने कॉल किया और भगवान टॉकीज चौराहे पर बुलाया। जब भगवान टॉकीज पहुंचा तो युवती उनकी कार में बैठ गई। कार में बैठते ही बोली, डॉक्टर साहब आप तो बड़ी मुसीबत में फंस गए हो। मेरे साथी पीछे चल रहे हैं। चालाकी दिखाई तो बुरा अंजाम होगा। युवती की बात सुनकर डर गया।

कार चलाते समय मैंने पीछे मुड़कर देखा तो दो बाइकों पर छह बदमाश उनके पीछे चल रहे थे। मैंने एमजी रोड पर कार रोकनी चाही, लेकिन डर के कारण ऐसा नहीं किया। रोहता नहर पर बदमाशों ने बाइक आगे लगाकर कार रोक ली। बदमाशों ने थप्पड़ मारे और पीछे वाली सीट पर बंधक बनाकर बैठा दिया। युवती दूसरे बदमाश के साथ बाइक पर चली गई। बदमाश कार को इरादतनगर से होते धौलपुर ले गए। वहां कार छोड़ दी और बाइक पर ले गए।
बदमाशों ने एक मकान में ले जाकर खाना खिलाया। इसके बाद बीहड़ में ले गए, जहां एक चबूतरे पर बैठा दिया। बदमाशों ने कहा कि डॉक्टर साहब पांच करोड़ रुपये फिरौती देनी पड़ी। रातभर वहीं रखा। सुबह भी खाना दिया। जो बदमाश फिरौती मांग रहे थे, उनका रवैया बुधवार शाम को अचानक बदल गया। बदमाशों ने कहा कि आप चले जाओ। आपकी तबीयत खराब है। 10 बजे रात बदमाश बीहड़ में छोड़कर चले गए। रात दो बजे पुलिस आ गई। इसके बाद मुझे धौलपुर ले जाया गया। वहां से आगरा पुलिस लेकर आई।
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