आगरा। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शुक्रवार को आगरा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जी राम जी अधिनियम की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनरेगा की मूल अवधारणा ग्रामीण श्रमशक्ति के सशक्तीकरण और गांवों के समग्र विकास से जुड़ी थी, लेकिन समय के साथ यह योजना भ्रष्टाचार का शिकार हो गई।
उप मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मनरेगा में फर्जी हाजिरी, कागजी कार्यवाही और धन के दुरुपयोग की व्यापक शिकायतें सामने आई हैं। इन्हीं खामियों को दूर करने के लिए सरकार एक नई योजना लेकर आ रही है, जिसका उद्देश्य धरातल पर वास्तविक कार्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि नई योजना लागू करने से पहले छह माह तक कड़े कानूनी और प्रशासनिक इंतजाम किए जाएंगे, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।
उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों को यह बदलाव करंट की तरह महसूस हो रहा है, क्योंकि प्रस्तावित योजना पूरी तरह पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित होगी।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकसित भारत ग्राम रोजगार योजना के तहत ग्रामीणों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाएगी, जबकि मनरेगा में यह सीमा 100 दिन थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई व्यवस्था में काम कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर साफ दिखाई देगा।
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