आगरा के डीईआई का ‘वृक्षारोपण महायज्ञ–2026’: 1,200 स्वयंसेवकों ने यमुना तट से कैंपस तक लगाए 2,800 पौधे

PRESS RELEASE

आगरा। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई ने रविवार को प्रदेश सरकार के ‘वृक्षारोपण महायज्ञ–2026’ के तहत वृहद स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया। अभियान में लगभग 1,200 स्वयंसेवकों और 35 कार्यक्रम अधिकारियों ने भाग लेते हुए 2,800 पौधों का रोपण किया।

यमुना तट से लेकर संस्थान परिसर तक चार अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए पौधों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और हरित भविष्य का संकल्प दोहराया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के निदेशक एवं रजिस्ट्रार ने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन करते हुए वृक्षों के महत्व पर प्रेरक संदेश भी दिया।

दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई), आगरा की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित ‘वृक्षारोपण महायज्ञ–2026’ का आयोजन उत्साह, अनुशासन और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ संपन्न हुआ। अभियान में लगभग 1,200 स्वयंसेवकों तथा 35 कार्यक्रम अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और करीब 2,800 पौधों का रोपण किया। लगाए गए पौधों में अनार, कनेर, नीम, पीपल सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे शामिल रहे।

अभियान के तहत वृक्षारोपण यमुना तट स्थित वैकुंठ धाम, अनुपम उपवन, जिमनेजियम परिसर तथा दयालबाग मुख्य परिसर में किया गया। प्रत्येक स्थल का चयन उसके पर्यावरणीय महत्व को ध्यान में रखते हुए किया गया।

यमुना तट स्थित वैकुंठ धाम में लगाए गए पौधों का उद्देश्य नदी तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना तथा मृदा अपरदन को रोकना रहा। वहीं अनुपम उपवन में हरित आवरण बढ़ाने और जैव विविधता को समृद्ध बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। जिमनेजियम परिसर में स्वच्छ एवं ऑक्सीजन-समृद्ध वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से पौधारोपण किया गया, जबकि दयालबाग मुख्य परिसर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कर संस्थान के हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल वातावरण को और अधिक सुदृढ़ बनाने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम के दौरान संस्थान के डायरेक्टर प्रो. सी. पटवर्धन एवं रजिस्ट्रार प्रो. संजीव स्वामी ने चारों वृक्षारोपण स्थलों का भ्रमण कर पौधारोपण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन करते हुए पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के संतुलन तथा मानव जीवन में वृक्षों की उपयोगिता पर प्रेरक विचार व्यक्त किए और अधिकाधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर वाणिज्य संकाय के डीन प्रो. प्रमोद कुमार तथा प्रो. के. शांति स्वरूप भी उपस्थित रहे। स्वयंसेवकों ने केवल पौधारोपण तक ही अपने दायित्व को सीमित नहीं रखा, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित सिंचाई, संरक्षण और देखभाल का भी संकल्प लिया, ताकि पौधों की उत्तरजीविता सुनिश्चित हो सके और अभियान का वास्तविक उद्देश्य सफल हो।

कार्यक्रम के सफल समापन पर राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. सनिल कुमार ने संस्थान के शीर्ष प्रबंधन, संकायाध्यक्षों, सभी कार्यक्रम अधिकारियों तथा स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।

Dr. Bhanu Pratap Singh