दक्षिण कोरिया हैलोवीन उत्सव हादसा: भगदड़ में मरने वालों की संख्‍या 151 तक पहुंची, 2900 लोग लापता

दक्षिण कोरिया हैलोवीन उत्सव हादसा: भगदड़ में मरने वालों की संख्‍या 151 तक पहुंची, 2900 लोग लापता

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दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में शनिवार को हैलोवीन उत्सव में जुटी भारी भीड़ के बाद हुई भगदड़ में अब तक कम से कम 151 लोगों की मौत हो चुकी है और 82 लोग ज़ख़्मी हुए हैं.

मरने वालों में ज़्यादातर युवा हैं, जिनकी उम्र 20 से 30 के साल के बीच है. चश्मदीदों का कहना है कि पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने में नाकाम रही थी.

घायलों का कहना है कि लोग एक दूसरे पर चढ़ते हुए भाग रहे थे और सांस लेना भी दूभर था. कोविड से जुड़ी पाबंदियां हटने के बाद सोल में पहला हैलोवीन उत्सव था. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक-येओल ने घटनास्थल का दौरा किया है.

सोल कम्युनिटी सेंटर के अनुसार हादसे से संबंधित क़रीब 2900 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई हैं. चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक़ सोल में हैलोवीन के दौरान भगदड़ होने से मरने वालों में तीन चीनी नागरिक भी हैं.

कोरियन इमर्जेंसी सेवा के मुताबिक़ मरने वालों में क़रीब 19 विदेशी नागरिक हैं. मरने वालों में ज़्यादातर लोगों की उम्र 20 से 30 साल के क़रीब बताई जा रही है.

घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. बताया जा रहा है कि दर्जनों लोगों को दिल का दौरा भी पड़ा है.

कोरोना दौर की पाबंदियों के बाद इतेवोन में शनिवार को पहली बार नो मास्क हैलोविन का आयोजन हो रहा था. इस आयोजन में शामिल होने हज़ारों लोग पहुंचे थे.

इसी आयोजन के दौरान भगदड़ मची और लोग एक-दूसरे के ऊपर दबते चले गए. अधिकारियों ने बताया है कि लोगों ने भगदड़ के कारण ‘सांस लेने में तकलीफ़’ की शिकायत की है.

चश्मदीदों ने क्या देखा?

सोशल मीडिया पर घटनास्थल के वीडियो शेयर किए जा रहे हैं. इन वीडियो में लोग दबे और फँसे हुए दिख रहे हैं.
कई वीडियोज़ में लोग सड़क पर बेसुध हालत में हैं और आम लोगों से लेकर रेस्क्यू में जुटे लोग सीपीआर देते दिख रहे हैं.

घटनास्थल पर पहले पहुंचने वालों में डॉ ली बुम सुक भी शामिल थे.

डॉ ली ने स्थानीय मीडिया याईटीएन को बताया, ”जब मैंने पहली बार सीपीआर देना शुरू किया, तब फुटपाथ पर दो पीड़ित पड़े हुए थे. लेकिन जल्द ही पीड़ितों की संख्या में काफ़ी तेज़ी देखने को मिली.”

डॉ ली ने बताया कि वहाँ मौजूद कई लोगों ने पीड़ितों को सीपीआर देने का काम किया. वो बताते हैं, ”घटना का मंज़र शब्दों में बयां करना मुश्किल है. इतने सारे घायल लोग थे, चेहरे पीले पड़ गए थे. किसी की नब्ज़ नहीं मिल रही थी न ही सांस आ रही थी.”

ये घटना सोल की एक ऐसी जगह पर हुई है, जहाँ रात में रौनक और लोगों की भीड़ रहती थी. कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि हैलोवीन आयोजन में क़रीब एक लाख लोग जुटे थे.

हादसा हुआ कैसे?

हादसे वाली जगह के वीडियो में ये देखा जा सकता है कि लोगों की भीड़ एक पतली गली में फँसी हुई है. गली में इस क़दर भीड़ थी कि लोग अपनी जगह से हिल भी नहीं पा रहे थे.

वीडियोज़ में लोग सांस लेने में संघर्ष करते दिख रहे हैं. एक दूसरे वीडियो में रेस्क्यू कर रहे लोग शवों में से लोगों को निकालने की कोशिश करते दिख रहे हैं. ख़ौफ़ और दुख से भरे लोगों का रोना घटनास्थल से आ रहे वीडियो में सुना जा सकता है.

कई शवों को नीले रंग की बॉडी बैग में रखकर सड़कों पर रखा गया था. वहीं आस-पास लोग घायलों को एंबुलेंस में ले जाते हुए भी दिख रहे हैं.

प्रशासन की ओर से सैकड़ों इमर्जेंसी वर्कर्स को घटनास्थल पर भेजा गया था. शवों को सड़कों से हटाकर एक ऐसी जगह रखा है, जहाँ परिवार के लोग आकर अपने परिजनों की पहचान कर सकें.

घटनास्थल वाली जगह पर 30 साल के जियोन गा-इल भी मौजूद थीं और वो पास के बार में बैठी हुईं थीं.

जियोन ने बताया, ”मेरा दोस्त मुझसे बोला कि कुछ बहुत बुरा बाहर हुआ है. मैंने उससे कहा कि क्या बात कर रहा है लेकिन जब मैं बाहर आई तो मैंने देखा कि सड़क पर लोग घायलों को सीपीआर दे रहे हैं.”

Compiled: up18 News

Dr. Bhanu Pratap Singh

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