आलू किसानों का संकट: उद्यान निदेशक को सौंपा ज्ञापन, प्रति कुंतल 220 रुपये भाड़ा सहायता और कर्ज माफी की मांग

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​आगरा: जनपद के आलू उत्पादक किसान इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। लगातार बढ़ती खेती की लागत और बाजार में आलू के गिरते दामों के कारण किसानों की कमर टूट चुकी है। इसी को लेकर बुधवार को किसान नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने उद्यान निदेशक डॉ. बी.पी. राम से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और सरकार से तत्काल राहत पैकेज की मांग की।

क्या हैं आलू किसानों की प्रमुख मांगें?

​किसान प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं को बिंदुवार रखते हुए शासन के समक्ष निम्नलिखित प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया:

कोल्ड स्टोरेज भाड़ा सहायता: किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने मांग की कि सरकार आलू किसानों को कोल्ड स्टोरेज के किराये में राहत दे। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि किसानों को प्रति कुंतल कम से कम 220 रुपये की सीधी सहायता प्रदान की जाए, ताकि उन पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम हो सके।

ऋण माफी: किसान प्रतिनिधि चंद पाल सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि संकटग्रस्त आलू किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज को तत्काल प्रभाव से माफ किया जाए।

​आर्थिक सहायता: ज्ञापन में यह भी मांग उठाई गई कि आर्थिक रूप से बदहाल हो चुके किसानों को जीवनयापन और अगली फसल के लिए एक लाख रुपये की मुफ्त आर्थिक सहायता दी जाए।

​’किसानों की स्थिति बेहद नाजुक’

ज्ञापन सौंपते हुए किसान नेताओं ने कहा कि उद्यान विभाग को जमीनी हकीकत को समझते हुए एक ठोस प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते आलू किसानों की सुध नहीं ली, तो उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक बिगड़ जाएगी, जिससे भविष्य में खेती छोड़ने जैसा बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।

​प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद

इस दौरान किसान नेता श्याम सिंह चाहर, चंद पाल सिंह, अब्देश कुमार और भरत सिंह समेत दर्जनों किसान मौजूद थे। उद्यान निदेशक डॉ. बी.पी. राम ने किसानों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को शासन तक पहुँचाने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

​किसानों को उम्मीद है कि सरकार उनकी पीड़ा को समझते हुए आलू उत्पादकों के लिए राहत का बड़ा ऐलान करेगी।

Dr. Bhanu Pratap Singh