Hathras (Uttar Pradesh, India) । सितंबर माह राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य कुपोषण को जड़ से समाप्त करना है। इसी के तहत कुपोषित बच्चों के परिवार जिनके पास गाय रखने हेतु स्थान हो और जो गौ पालन के इच्छुक हों उन्हें गाय देने का प्रशासन द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही गाय के भरण पोषण हेतु हर माह 900 रुपए की धनराशि भी मुहैया कराई जाएगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) डीके सिंह ने बताया कि जिले में चल रहे राष्ट्रीय पोषण माह का मुख्य उद्देश्य 6 माह से 5 साल तक के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के कुपोषण को प्रभावी ढंग से दूर करना है ताकि कुपोषण से होने वाली बीमारियों और मृत्यु दर को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा कुपोषण से लड़ने के उद्देश्य से ऐसे कुपोषित बच्चों के परिवार जो गाय लेने के इच्छुक हों को गाय मुहैया कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। जिसके लिए इच्छुक परिवारों की सूची तैयार की जा रही है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा बताया गया कि कुपोषित परिवारों मैं से गाय लेने के इच्छुक परिवारों को गौशाला भ्रमण कर गाय पसंद कराने एवं आगे की कार्यवाही पूर्ण कराने का निर्देश दे दिया गया है। उन्होंने बताया इच्छुक परिवारों को एक आवेदन पत्र भरना होगा। जिसमें उन्हें अपना नाम, पता, आधार कार्ड संख्या, वोटर आईडी संख्या, बचत बैंक खाते का विवरण, परिवार का विवरण व अन्य जानकारी भरनी होंगी। साथ ही संबंधित आईडी की प्रतिलिपियां संलग्न करनी होंगी। इसके साथ ही इच्छुक परिवार को गाय प्राप्त होने से पूर्व एक शपथ पत्र भी देना होगा। जिसमें लाभार्थी को गाय की सुरक्षा, गाय की देखभाल व गाय के जीवित रहने तक उसके भरण-पोषण आदि के विषय में शपथ ग्रहण करनी होगी।
गाय का दूध है पूर्ण आहार-
गाय के दूध को बच्चों के लिए पूर्ण आहार बताया गया है। दुनिया भर में बच्चों का यह मुख्य आहार रहा है। इसमें उन्हें पोषण प्रदान करने और बीमारियों से बचाव करने के गुण होते हैं। गाय का दूध पीने से बच्चों का पूर्ण शारीरिक-मानसिक विकास होता है। गाय का दूध पीने से बच्चों का वजन बढ़ता है और उनकी लंबाई भी बढ़ती है। अगर कुपोषित बच्चों को भी गाय का दूध पीने को दिया जाए तो जल्दी ही उन्हें इससे फायदा होने लगता है।
कुपोषित बच्चों के परिवार को मिलेगी गाय
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