प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ये दावा किया कि कांग्रेस ने पूर्वोत्तर के राज्यों का इस्तेमाल एटीएम की तरह किया जबकि भारतीय जनता पार्टी इस क्षेत्र के आठ राज्यों को अष्टलक्ष्मी मानती है जो इसके अमन और विकास के लिए काम कर रही है.
नगालैंड की राजधानी दीमापुर एक चुनावी जनसभा के दौरान उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार नगालैंड में स्थाई शांति लाना चाहती है ताकि आर्म्ड फोर्सेज (स्पेशल पावर्स ऐक्ट), 1958 को इस राज्य से पूरी तरह से ख़त्म किया जा सके.
उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने नॉर्थ-ईस्ट को एटीएम माना हुआ था. सरकार का पैसा जनता तक नहीं, बल्कि करप्ट पार्टियों की तिजोरी में पहुंचता था. कांग्रेस ने नागालैंड की सरकार को रिमोट कंट्रोल से चलाया.”
“दिल्ली से लेकर दीमापुर तक इन्होंने परिवारवाद को ही प्राथमिकता दे रखी थी, लेकिन हमारी सरकार ने पूरे नॉर्थ-ईस्ट के लिए दिल्ली की सरकार की सोच को ही बदल दिया है. नगालैंड को पहली महिला राज्यसभा सांसद देने का अवसर भी एनडीए को मिला है.”
“नॉर्थ-ईस्ट के आठ राज्यों को हम कांग्रेस की तरह एटीएम नहीं बल्कि ‘अष्ट लक्ष्मी’ मानते हैं. हमारा यह प्रयास है कि दिल की दूरियां भी मिटें और दिल्ली से भी दूरी कम हो. बीते नौ वर्षों में मैं खुद दर्जनों बार यहां आया हूं.”
“अपने लोगों पर अविश्वास करके देश नहीं चलता. देश चलता है अपने लोगों का सम्मान करके, उनकी समस्याओं का समाधान करके. पहले जहां नॉर्थ-ईस्ट में बंटवारे की राजनीति चलती थी, उसको हमने डिवाइन में बदला है.”
“नागालैंड के लिए हमारा मंत्र है- पीस, प्रोग्रेस और प्रॉसपरिटी. पिछले साढ़े तीन वर्षों में ही नागालैंड के साढ़े तीन लाख से अधिक परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया है और इसका सबसे अधिक लाभ हमारी आदिवासी महिलाओं को हुआ है.”
“हम ना रीजन को देख भेदभाव करते हैं और ना ही रिलीजन को देख भेदभाव करते हैं. एनडीए सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर आगे बढ़ रही है.”
“हम गरीबों, आदिवासियों और महिलाओं के विकास पर बहुत अधिक फोकस कर रहे हैं और इसीलिए हमारी हर योजना में इन वर्गों को प्राथमिकता दी जा रही है.”
- ’चलो गाँव की ओर’: लायंस क्लब और आगरा डायबिटीज फोरम ने बलदेव में लगाया मेगा हेल्थ कैंप, 500 मरीजों को मिली राहत - February 22, 2026
- Agra News: वीआईपी रोड पर ट्रैफिक नियमों के उड़े परखच्चे, सनरूफ खोलकर स्टंट करते दिखे युवा, एक्शन की तैयारी - February 22, 2026
- सलाम! विदाई के बाद ससुराल नहीं, सीधे ‘इंटरव्यू’ देने पहुंची दुल्हन; दूल्हे की समझदारी ने पेश की महिला सशक्तिकरण की मिसाल - February 22, 2026