राजनीति में युवाओं की भागीदारी की आवश्यकता

डॉ सत्यवान सौरभ अगर राजनीतिक दल युवाओं को राजनीति में शामिल करने के बारे में गंभीर हैं तो उन्हें कई तरह के कदम उठाने होंगे। पहला कदम सरकार द्वारा युवा मानदंड में बदलाव करना होगा। आज 34-35 वर्ष की आयु के लोगों को भी युवा माना जाता है। इस मानदंड को कम करने की आवश्यकता […]

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अमेरिका प्रवासियों का देश कहा जाता है अवैध आप्रवासियों का नहीं, आखिर इस फोटो वीडियो पे बवाल क्यों?

इस फोटो वीडियो पे बवाल चल रहा है। अब जरा गौर फरमाइए की ये लोग घुसपैठिए हैं। बिना डॉक्यूमेंट , वीजा के पहुंच गए हैं। कोई दीवार फांद, कोई पानी की नाव से, कोई कंटेनर में छुप के, कोई कार्गो के डब्बे में छुप के अमेरिका में दाखिल हुआ है। ऐसे घुसना गैर कानूनी है, […]

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क्या नई कृषि योजना से किसान हो पायेगा धन-धान्य पूर्ण?

प्रियंका सौरभ बजट में प्रत्यक्ष सब्सिडी की तुलना में वित्तीय सहायता को अधिक प्राथमिकता दी गई है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि किसानों को सामान्य सब्सिडी के बजाय फसल-विशिष्ट और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर अनुरूप सहायता मिले। डिजिटल सलाहकार सेवाओं और मृदा स्वास्थ्य निगरानी के माध्यम से धान किसानों के लिए लक्षित सहायता […]

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किताबों और अखबारों को बनाइए अपना साथी, ज़िन्दगी को जीने और देखने का बदल जाएगा नज़रिया

डॉ सत्यवान सौरभ विडंबना यह है कि बहुत से माता-पिता भी यही मानते हैं कि चुटकुले, मनोरंजन, रील बनाना और जो चाहे खाना, ये सब जीवन में ख़ुशी और आनंद की कुंजी हैं। इस उपभोक्तावादी मानसिकता के परिणामस्वरूप युवाओं का ज्ञान और मूल्यों का अधिग्रहण लगभग बंद हो गया है। हालाँकि, चूँकि घरों में अखबार, […]

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ashish jain agra

जर्मन फुटवियर कंपनी को चीन से भारत लाने वाले युवा कारोबारी आशीष जैन की बजट 2025-26 पर बड़ी प्रतिक्रिया, नॉन-लेदर फुटवियर उद्योग को नई उड़ान

भारत में नॉन-लेदर फुटवियर उद्योग अब भी लेदर फुटवियर और लेदर निर्यात की तुलना में कमजोर है। इसे बढ़ावा देना आवश्यक है क्योंकि यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर चीन जैसे देशों से जुड़ा हुआ है। इस क्षेत्र को मजबूती देने और उसे प्राथमिकता में लाकर भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकता है। सरकार की […]

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मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए ऐतिहासिक बजट: करदाताओं को बड़ी राहत

भारत सरकार के 2025-26 के बजट में मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा की गई है। आयकर स्लैब को बढ़ाकर 12 लाख रुपये करने का निर्णय करदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है। नए कर ढांचे के तहत, 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई आयकर देय नहीं होगा। इसके अतिरिक्त, स्टैंडर्ड […]

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Jacques Derrida

फ्रांसीसी दार्शनिक जैक्स डेरिडा का सिद्धांत ‘विखंडनवाद’ के बारे में आप कितना जानते हैं, पढ़िए वर्तमान में इसकी प्रासंगिकता

जैक्स डेरिडा का विखंडनवाद (Deconstruction) एक दार्शनिक सिद्धांत है जो 1960 के दशक में विकसित हुआ था। यह सिद्धांत भाषा, साहित्य और दर्शन के क्षेत्र में विशेष रूप से प्रभावशाली रहा है। जैक्स डेरिडा (Jacques Derrida) 20वीं सदी के सबसे प्रभावशाली फ्रांसीसी दार्शनिकों में से एक थे। उन्होंने विखंडनवाद (Deconstruction) की अवधारणा प्रस्तुत की, जो […]

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सामाजिक नैतिकता को दीमक सरीखा चाट रहा एकल परिवारों का चलन

प्रियंका सौरभ बढ़ते एकल परिवारों ने हमारे समाज का स्वरूप ही बदल दिया। आजकल के बच्चों को वो संस्कार और अनुशासन नहीं मिल रहे है जो उन्हें संयुक्त परिवारों से विरासत में मिलते थे, और इसी का परिणाम है कि समाज में परिवारों का टूटना, घरेलू हिंसा, असुरक्षा की भावना, आत्महत्या, बलात्कार , अपहरण आदि […]

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ग्रामीण भारत की कहानी बदल रही है स्वामित्व योजना

डॉ सत्यवान सौरभ स्वामित्व (ग्रामीण क्षेत्रों में सुधारित प्रौद्योगिकी के साथ गांवों का सर्वेक्षण और मानचित्रण) पहल से भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव आ रहा है। इस पहल के तहत सरकार द्वारा सटीक संपत्ति स्वामित्व डेटा और स्पष्ट स्वामित्व रिकॉर्ड के प्रावधान से भूमि विवादों में कमी आ रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम […]

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समस्याओं से जूझता भारतीय गणतंत्र

प्रियंका सौरभ हालांकि यह सच है कि भारत ने लोकतंत्र की दिशा में महत्त्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन स्वतंत्रता के बाद इस देश और इसके समाज में जो उच्च आदर्श स्थापित होने चाहिए थे, वे आज ठीक इसके विपरीत हैं, जहाँ भ्रष्टाचार, दहेज और लोगों के बीच नफ़रत के साथ-साथ अन्य मुद्दे भी व्याप्त हैं। […]

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