विकसित भारत 2047 के लिए कृषि सुधारों में व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक

प्रियंका सौरभ विकसित भारत 2047 को प्राप्त करने के लिए, कृषि सुधारों के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक है जो कल्याणकारी उपायों को बाजार-संचालित तंत्रों के साथ जोड़ता है। भारत एक ऐसे कृषि क्षेत्र की गारंटी दे सकता है जो समावेशी, लचीला और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ हो, किसानों को सशक्त बनाए और देश […]

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हवा में फैला ज़हर: खराब से बहुत खराब AQI के बीच क्या करें दिल्ली वासी!

पायल गुप्ता।पायल दिल्ली से हैं और जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता शोध छात्र हैं। दिल्ली में वायु प्रदूषण इन दिनों गम्भीर स्थिति में पहुंच गया है। इस कारण दिल्ली में रहने वाले हर उम्र के लोगों को गम्भीर बीमारियों का खतरा है, हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन बीमारियों से बचाव के लिए दिल्ली […]

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आत्मनिर्भरता को मज़बूत करते हुए चीन के साथ भारत के सम्बंध…

प्रियंका सौरभ भारत की सागरमाला परियोजना हंबनटोटा जैसे समुद्र में चीनी प्रभाव को संतुलित करने के लिए रणनीतिक भारतीय बंदरगाहों के विकास को सुनिश्चित करती है। भारत चीन के आपूर्ति शृंखला प्रभुत्व का मुकाबला करने के लिए बांग्लादेश, नेपाल और अफ्रीकी देशों जैसे पड़ोसी देशों में क्षेत्रीय विनिर्माण केंद्र विकसित करने में रणनीतिक रूप से […]

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जाने कहाँ गए वो दिन…बचपन की वो सुनहरी यादें जो कभी-कभी सजीव होकर चेहरे पर मुस्कान ला देती हैं

जाने कहाँ गए वो दिन, जब बचपन की मासूमियत और बेफिक्री जीवन का हिस्सा हुआ करती थी। आज, समझदारी और जिम्मेदारियों के बोझ तले दबे हुए, वो दिन किसी खूबसूरत ख्वाब जैसे लगते हैं। वो पल, जब न भविष्य की चिंता थी, न किसी बात का डर, सिर्फ खेल-कूद, दोस्तों के साथ शरारतें और हर […]

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Agra News: जब तक आगरा गंदगी से जंग नहीं जीत लेता तब तक कैसा, काहे का स्मार्ट सिटी?

बृज खंडेलवाल आगरा अपने पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। सालाना लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। अपनी वैश्विक पहचान के बाबजूद आगरा की छवि एक निहायती गंदे शहर के रूप में प्रचलित है। स्मार्ट सिटी मिशन 2016 में शुरू हुआ था, लेकिन लगभग दस वर्षों में आगरा को आगरा […]

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2025 में तीसरे विश्व युद्ध के आसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की की राशि विवेचन के बाद पं. प्रमोद गौतम का निष्कर्ष

आगरा: वैदिक सूत्रम चेयरमैन विश्वविख्यात एस्ट्रोलॉजर पं. प्रमोद गौतम ने मीडिया से बातचीत में नववर्ष में 01अप्रैल 2025 से लेकर 16 अप्रैल 2030 तक के आध्यात्मिक रहस्यमयी तथ्यों के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि नववर्ष 2025 के शुरुआत में ही सम्पूर्ण विश्व के अनेक देशों में हाहाकार मचा हुआ है […]

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नतीजों को मिलते पुरस्कार, कोशिशें रहती गुमनाम…

डॉ सत्यवान सौरभ परिणामों पर ज़ोर देने से क्रमिक शिक्षा और सुधार का महत्त्व कम हो जाता है, जिससे सफलता अस्थिर हो जाती है। ऋषभ पंत जैसे क्रिकेटर, जिनकी शुरुआत में असंगतता के लिए आलोचना की गई थी, ने समय के साथ लगातार सुधार करके सम्मान प्राप्त किया। परिणाम-उन्मुख मानसिकता शॉर्टकट या अनैतिक प्रथाओं को […]

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अफ़गानिस्तान के साथ भारत के जुड़ाव और तालिबान

प्रियंका सौरभ अफ़गानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद भारत ने काबुल में अपना दूतावास फिर से खोल दिया है। भारत ने अब तक केवल तालिबान को अलग-थलग करने पर ध्यान केंद्रित किया है। हालाँकि, एक सीमा के बाद, यह विकल्प कम लाभ देगा, क्योंकि कई अन्य देश अब तालिबान से जुड़ना शुरू कर रहे […]

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आशुतोष की पुस्तक ‘वकील साहब’ को साहित्यिक सम्मान

पटना। विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर वाराणसी के पराड़कर स्मृति भवन में आयोजित प्रान्ति इंडिया (साहित्यिक संस्था) के वार्षिकोत्सव-2025 के अवसर पर लेखक आशुतोष को उनकी पुस्तक ‘वकील साहब (Wakeel Sahab)’ के लिए स्मृति चिह्न एवं चांदी का सिक्का देकर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि पिछले लगभग […]

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पूंजीवाद के अरबी घोड़े: क्या 90 घंटे कार्य करना नौजवानों की देशभक्ति का प्रमाण होगा?

(लेखक विमल शंकर सिंह, डी.ए.वी.पी.जी. कॉलेज, वाराणसी के अर्थशास्त्र विभाग में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष रहे हैं) देश एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जिसमें सामाजिक-आर्थिक दशाओं में विष्मयकारी परिवर्तन दिखाई पड़ रहे हैं ।विकास की चाह ने आज हमें उस चौखट पर खड़ा कर दिया है, जहां अभी हाल तक सरकारें माथा टेकने से […]

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