लखनऊ/आगरा। आगरा को केवल ताजमहल के शहर तक सीमित न रखकर उसे वैश्विक मानचित्र पर ‘यूनेस्को विश्व धरोहर शहर’ का दर्जा दिलाने की कवायद अब निर्णायक दौर में पहुँच गई है। रिवर कनेक्ट कैंपेन के प्रतिनिधि एवं पर्यावरणविद् डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने लखनऊ में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमृत अभिजात से भेंट कर आगरा की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दुर्दशा पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्हें एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें आगरा को ‘विरासत नगर’ घोषित करने की पुरजोर मांग की गई।
ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए प्रमुख सचिव श्री अमृत अभिजात ने इसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषय करार दिया। जब चर्चा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, तो प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि विकास और सरकारी प्रक्रियाओं के लिए केवल अदालतों पर निर्भर नहीं रहा जा सकता।
उन्होंने कहा, “न्यायिक प्रक्रिया अपनी जगह है, लेकिन हम सरकारी स्तर पर अपनी पहल जारी रखेंगे।” इसी क्रम में, उन्होंने पर्यटन महानिदेशक श्री वेदपति मिश्र को तत्काल प्रभाव से आगरा को यूनेस्को विश्व धरोहर शहर का दर्जा दिलाने हेतु एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के समक्ष भी प्रस्तुत किया जाएगा ताकि आवश्यक कार्रवाई को गति मिल सके।
बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने यमुना नदी की लगातार बिगड़ती स्थिति पर भी गहरी चिंता जताई। संयोजक बृज खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि यमुना केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि आगरा की सांस्कृतिक पहचान और ताजमहल के अस्तित्व की आधारशिला है।
ज्ञापन में यमुना पर बैराज निर्माण, पर्यावरणीय प्रवाह सुनिश्चित करने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष कार्ययोजना लागू करने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि तीन विश्व धरोहर स्मारकों के बावजूद आगरा आज अनियोजित शहरीकरण, अतिक्रमण और उपेक्षित विरासत क्षेत्रों जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। ज्ञापन में राज्य सरकार से समग्र विरासत संरक्षण नीति लागू करने और जनभागीदारी आधारित संरक्षण अभियान चलाने का आग्रह किया गया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, बृज खंडेलवाल, महंत नंदन श्रोत्रिय, चतुर्भुज तिवारी, विशाल झा, डॉ. ज्योति खंडेलवाल, पद्मिनी अय्यर, दीपक राजपूत, राहुल राज, पंडित जुगल श्रोत्रिय, अभिनव लाला, डॉ. हरेंद्र गुप्ता, दिनेश शर्मा, डॉ. मुकुल पांड्या, राज कुमार माहेश्वरी, मुकेश चौधरी समेत रिवर कनेक्ट टीम के सदस्य उपस्थित थे।
पूरी टीम ने उम्मीद जताई है कि उत्तर प्रदेश सरकार का यह सक्रिय रुख आगरा को उसकी खोई हुई वैश्विक प्रतिष्ठा दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।
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