दशहरे पर भव्य आयोजन : 5100 कन्याओं का पूजन — सनातन धर्म का परचम लहराया
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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat.
भाजपा नेता व समाजसेवी वंदना सिंह ने शास्त्रीपुरम के जोनल पार्क में दशहरे के पावन अवसर पर 5100 कन्याओं का पूजन कर न केवल धार्मिक परंपरा का पोषण किया बल्कि सामाजिक एकता व नारी सम्मान का भी अनूठा संदेश दिया।

वंदना सिंह ने रचा अनूठा इतिहास
आगरा — भारतीय जनता पार्टी की प्रखर नेता और समाजसेवी वंदना सिंह ने दशहरे के पावन अवसर पर शास्त्रीपुरम को आध्यात्मिक रंग में रंगते हुए 5100 कन्याओं के पूजन का भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम ने क्षेत्र के हर गृह का दिल छुकर सनातन परंपरा की गरिमा को नई ऊँचाई दी।

हवन और जयघोष से गूंजा शास्त्रीपुरम
प्रातः 7 बजे पंडित प्रशांत शर्मा (गायत्री परिवार) के नेतृत्व में हवन द्वारा विधिवत आयोजन का शुभारंभ हुआ। भक्तों ने आहुति व भक्ति-भाव से कार्यक्रम को सामूहिक ऊर्जा दी और “जय माता दी” के नारे पूरे क्षेत्र में गूंज उठे।

कन्याओं के चरण पखार कर किया पूजन
हवन के पश्चात् प्रत्येक कन्या के चरण पखारे गए, तिलक लगाया गया और आशीर्वाद दिया गया। सभी उपस्थित कन्याओं को सुंदर उपहार वितरित किए गए; जिन्हें उपहार न मिल सका, उन्हें ससम्मान नकद राशि प्रदान की गयी — सबको न्यायपूर्ण और सम्मानजनक व्यवहार किया गया।
इस आयोजन का मूल संदेश — “प्रत्येक घर की देहरी से देहरी जुड़े, नारी सम्मान बना रहे” — सफलतापूर्वक साकार हुआ।

प्रकृति की गोद में स्नेहपूर्ण भोजन
वृक्षों की छांव में बिछावन पर कन्याओं व उनके परिवारों के लिए प्रेमपूर्वक भोजन कराया गया। आसपास के गांवों तक इस जानकारी के कारण कन्याओं के संख्याबल में वृद्धि हुई और कार्यक्रम ने समुदायिक भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
महत्वपूर्ण: 5100 कन्याओं के पूजन के साथ-साथ बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को भी स्नेह-भोजन उपलब्ध कराया गया — यह आयोजन श्रद्धा और सेवा का अनूठा मेल था।
“माता रानी की कृपा और जन-सहयोग” — वंदना सिंह
कार्यक्रम संयोजक वंदना सिंह ने अपने भावपूर्ण वक्तव्य में गहरी संवेदना और स्पष्ट दृष्टि व्यक्त की —
“यह आयोजन केवल एक विधि नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम है। माता रानी की असीम कृपा और शास्त्रीपुरम व आसपास के गांवों के सहयोग के बिना यह सम्भव न होता। मेरा उद्देश्य था कि घर-घर की देहरी से देहरी जुड़ें और नारी सम्मान की भावना को स्थायी रूप मिले — आज वह संकल्प वास्तविकता बन गया। मैंने देखा कि बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के चेहरे पर जो प्रसन्नता थी, वह शब्दों में बांधी नहीं जा सकती। मैं सभी सहयोगियों, शुभचिन्तकों और परिजनों का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ।”

सम्मान और जन-समर्थन
भाजपा नेता मनोज बघेल ने कार्यक्रम स्थल पर वंदना सिंह का सम्मान कर उनके इस प्रेरणादायी कदम की सराहना की। शास्त्रीपुरम जन सेवा समिति, स्थानीय गणमान्य और अनेक समाजसेवी — किशन सिंह चाहर, मुन्नालाल राजपूत, प्रेम सिंह सोलंकी, भीकम चौधरी, डीएस कुशवाहा व जमालुद्दीन — सभी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही और उन्होंने समन्वय में सक्रिय भूमिका निभाई।
संपादकीय : समाज को जोड़ने वाली अनूठी पहल
आज के युग में जहाँ परंपराएँ धीरे-धीरे फीकी पड़ती प्रतीत होती हैं, ऐसे में वंदना सिंह जैसे दूरदृष्टि रखने वाले नेताओं का योगदान आशा जगाने वाला है। 5100 कन्याओं का यह पूजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं रहा — यह नारी सम्मान, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का जश्न था।
वंदना सिंह ने यह सिद्ध कर दिया कि राजनीति और सेवा एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि सहायक हो सकते हैं। भाजपा के ऐसे सक्रिय नेतृत्व का यह रूप समाज के लिए प्रेरणास्रोत है — जहाँ न सिर्फ विश्वास और आस्था को महत्व मिलता है, बल्कि आम आदमी तक सहायता और सम्मान भी पहुँचता है।
संपादकीय निष्कर्ष
वंदना सिंह ने दशहरे पर सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं रखा — उन्होंने समाज की सांस्कृतिक जड़ों को पोषण दिया और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरक मिसाल कायम की।
रिपोर्ट: स्थानीय संवाददाता — आगरा | संपादन: संपादकीय टीम
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