नेचुरोपैथी की आड़ में बड़ा टैक्स घोटाला: आगरा की ‘गो नेचर’ फर्म पर जीएसटी विभाग का शिकंजा, 25 करोड़ की कर चोरी का अंदेशा

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आगरा: ताजनगरी में कर चोरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जीएसटी विभाग ने ‘गो नेचर’ (Go Nature) नामक एक फर्म के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 करोड़ रुपये से अधिक की करमुक्त सेवाओं के दावों की जांच शुरू की है। शुरुआती जांच में पाया गया कि फर्म ने नेचुरोपैथी उपचार के नाम पर जो कर छूट का दावा किया था, वास्तव में वह फिटनेस और लाइफस्टाइल मैनेजमेंट जैसी कर योग्य सेवाएं बेच रही थी।

जीएसटी विभाग की ‘अंडरकवर’ जांच

जीएसटी अधिकारियों ने मामले की तह तक जाने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की। अधिकारियों ने सामान्य ग्राहकों की तरह फर्म की सदस्यता ली और उनके द्वारा आयोजित ऑनलाइन वेबिनार और वर्कशॉप्स में भाग लिया। इस दौरान टीम को जो सबूत मिले, वे फर्म के दावों के बिल्कुल विपरीत थे। वहां डाइट प्लान, फिटनेस प्रोग्राम, वेलनेस कोर्स और लाइफस्टाइल मैनेजमेंट जैसी सेवाएं बेची जा रही थीं, जो जीएसटी के दायरे में आती हैं, न कि नेचुरोपैथी की ‘करमुक्त’ श्रेणी में।

ठोस साक्ष्य और खामियां

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि फर्म ने कुछ ग्राहकों को टैक्स इनवॉइस जारी किए थे, जो इस बात का पक्का सबूत थे कि वे कर योग्य सेवाओं का संचालन कर रहे थे। इसके अलावा, जब जीएसटी टीम ने फर्म के पंजीकृत पते का औचक निरीक्षण किया, तो वहां नेचुरोपैथी उपचार केंद्र या किसी भी प्रकार का चिकित्सकीय ढांचा नदारद मिला। इससे फर्म द्वारा किए गए दावों की कलई खुल गई।

​क्या है वित्तीय गड़बड़ी का गणित?

विभाग के अनुसार, फर्म ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20.36 करोड़ और 2024-25 में 5.15 करोड़ रुपये की सेवाओं को ‘करमुक्त’ (Exempted) बताकर जीएसटी की चोरी की। फिलहाल, विभाग ने दबाव बनाकर फर्म से 1.19 करोड़ रुपये की राशि जमा करवा ली है।

​अधिकारियों का कहना है कि यह अभी जांच का पहला चरण है। फर्म के पिछले दो वर्षों के वित्तीय दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और रिकॉर्ड्स की गहन पड़ताल की जा रही है। विभाग का मानना है कि विस्तृत जांच के बाद कर देयता का आंकड़ा और बढ़ सकता है। यह मामला उन कंपनियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो कर नियमों की आड़ लेकर नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh