पिनाहट (आगरा)। चंबल नदी के पिनाहट घाट पर स्टीमर संचालन के फिर से शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्रों के हजारों ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। करीब आठ दिनों तक बंद रहने के बाद, दोनों प्रदेशों (उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश) के अधिकारियों के बीच हुई सार्थक वार्ता के बाद बुधवार सुबह से यह सेवा पुनः बहाल कर दी गई है।
क्या था विवाद?
करीब आठ दिन पूर्व, मध्य प्रदेश के महुआ थाना क्षेत्र की पुलिस ने संचालन के लिए अनुमति न होने का हवाला देते हुए स्टीमर सेवा को बंद करा दिया था। इस निर्णय से चंबल पट्टी के किनारे बसे यूपी और एमपी के गांवों के निवासियों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई थी। ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों और व्यापारियों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था, जिससे उन्हें लंबी दूरी तय कर वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ रहा था।
प्रयासों के बाद मिली सफलता
स्टीमर बंद होने के बाद ग्रामीणों ने इसे तत्काल शुरू करने की मांग को लेकर मुखर प्रदर्शन किया था और चेतावनी भी दी थी कि यदि सेवा बहाल नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार चंद्रसेन तिवारी ने बताया कि जनसमस्या को गंभीरता से लेते हुए दोनों राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता हुई, जिसमें संचालन को पुनः शुरू करने पर सहमति बनी।
ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी सेवा
बुधवार सुबह स्टीमर सेवा के शुरू होते ही घाट पर काफी हलचल देखी गई। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि स्टीमर ही चंबल पार जाने का सबसे सुलभ और सस्ता साधन है। इसके चालू होने से अब खेती-किसानी, बच्चों की शिक्षा और रोजगार से संबंधित दैनिक कार्यों के लिए नदी के दोनों ओर बसे लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। प्रशासनिक अधिकारियों के इस निर्णय की स्थानीय लोगों ने सराहना की है।
रिपोर्टर- नीरज परिहार
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