​’लव जिहाद’ और धर्म परिवर्तन पर बड़ी बैठक: आर्ष विद्या समाजम के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद नवीन जैन से की चर्चा

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आगरा: देश में धर्म परिवर्तन और ‘लव जिहाद’ जैसे संवेदनशील मुद्दों पर काम करने वाली संस्था आर्ष विद्या समाजम के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को आगरा स्थित शास्त्रीपुरम में राज्यसभा सांसद नवीन जैन से उनके निवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधियों ने केरल से लेकर उत्तर प्रदेश तक हिंदू समाज के सामने आ रही चुनौतियों और धर्मांतरण के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए ठोस सरकारी सहयोग की मांग की।

​’द केरल स्टोरी’ की असलियत और समाज का दर्द

प्रतिनिधिमंडल में शामिल शांति कृष्णा, वैशाली शेट्टी और रितेश ने सांसद को बताया कि उनकी संस्था उन लोगों को पुनः सनातन धर्म में वापस लाने का कार्य कर रही है, जिनका बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराया गया है। चौंकाने वाला खुलासा करते हुए प्रतिनिधियों ने दावा किया कि प्रतिनिधिमंडल में शामिल कुछ महिलाएं स्वयं ‘द केरल स्टोरी’ जैसी घटनाओं की शिकार रह चुकी हैं और अब समाज को जागरूक करने का बीड़ा उठा रही हैं।

केरल की स्थिति और यूपी में विस्तार की योजना

बैठक के दौरान प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि केरल में वर्तमान राजनीतिक परिवेश के कारण हिंदू समाज असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने बताया कि संस्था वर्तमान में महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में योग, काउंसलिंग और आध्यात्मिक प्रशिक्षण के माध्यम से सक्रिय है। अब संस्था उत्तर प्रदेश में अपने पंख फैलाने की तैयारी में है ताकि यहाँ भी धर्मांतरण के खिलाफ एक मजबूत दीवार खड़ी की जा सके।

सांसद नवीन जैन का आश्वासन: “मुख्यमंत्री से करेंगे बात”

सांसद नवीन जैन ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि वे जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इस विषय को उनके समक्ष रखेंगे। सांसद ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार में सुरक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण सर्वोपरि है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले जातिवाद और धर्मवाद को बढ़ावा दिया गया, जिससे समाज कमजोर हुआ।

जागरूकता ही बचाव का रास्ता

आर्ष विद्या समाजम के प्रतिनिधियों ने जोर देकर कहा कि केवल कानून ही काफी नहीं है, बल्कि समाज में सांस्कृतिक मूल्यों और संस्कारों का बीजारोपण करना आवश्यक है। संस्था द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के माध्यम से अब तक हजारों लोगों को पुनर्स्थापित किया जा चुका है।

Dr. Bhanu Pratap Singh