बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से नाराज ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के आदेश पर राज्य में बड़ा एक्शन हुआ है। बिजली विभाग ने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सैकड़ों संविदा कर्मियों की सेवा समाप्त की कर दी है। बिजली विभाग के कई सरकारी कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
इसके साथ ही कर्मचारी उपस्थित नहीं करा पाने पर 7 एजेंसियों पर केस दर्ज किया गया है। काम नहीं करने वालों पर तत्काल FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन एजेंसियों पर FIR हुई है उन्हें प्रतिबंधित भी किया गया है। अब भविष्य में निगम में ये एजेंसिया काम नहीं कर सकेंगी।
आज इस मामले को लेकर दोपहर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक इमरजेसी मीटिंग बुलाई। मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और अफसर पहुंचे। सीएम योगी ने एक शर्मा से जानकारी ली है। उन्होंने बिजली कर्मचारियों के हड़ताल के बारे में सीएम को विस्तार से बताया। इसके अलावा सीएम ने अफसरों से इस बारे में जानकारी ली।
हड़ताल खत्म करने के लिए दिया गया निर्देश
यूपी पावर कॉर्पोरेशन ने कई संगठनों को पत्र लिखकर हड़ताल खत्म करके काम पर लौटने का निर्देश दिया है। कॉर्पोरेशन द्वारा भेजे गए पत्र में कहा है कि प्रदेश में एस्मा लागू है। ऐसे में हड़ताल और आंदोलन निषिद्ध है। हाइकोर्ट के आदेश का हवाला भी दिया है।
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