​’बोधित्व’ थीम पर सजेगी आगरा की ऐतिहासिक भीमनगरी: GIC मैदान में भूमि पूजन संपन्न, 125 फीट ऊँचे भव्य महल में विराजेगा बाबा साहेब का गौरव

स्थानीय समाचार

आगरा: संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य में इस वर्ष ‘भीमनगरी’ का भव्य आयोजन शाहगंज स्थित राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) के मैदान में होने जा रहा है। सोमवार को आयोजन समिति द्वारा ‘बोधित्व’ थीम पर आधारित इस समारोह के लिए बौद्ध रीति-रिवाजों के साथ भूमि पूजन किया गया। केंद्रीय भीमनगरी समिति के पदाधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर आयोजन की सफलता की कामना की।

कोलकाता के कारीगर तैयार कर रहे 125 फीट ऊँचा महल

भीमनगरी समारोह आयोजन समिति के अध्यक्ष सुभाष सागर और महामंत्री महेंद्र सिंह ने बताया कि इस वर्ष का मुख्य आकर्षण 125 फीट ऊँचा और 300 फीट चौड़ा विशाल महल होगा। इसे तैयार करने के लिए कोलकाता से 80 से अधिक कुशल कारीगर आगरा पहुँच चुके हैं।

मंच की भव्यता: जमीन से 6 फीट ऊँची और 200 फीट लंबी स्टेज बनाई जाएगी।

सजावट: मुख्य द्वार और महल के आगे दो आकर्षक फव्वारे और पुष्पों की विशेष सजावट की जाएगी।

कोठी मीना बाज़ार से GIC मैदान क्यों पहुँची भीमनगरी?

केंद्रीय समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनी ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि कोठी मीना बाज़ार के हाईकोर्ट मामले में प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण स्थान परिवर्तन करना पड़ा। समिति ने मांग की है कि कोठी मीना बाज़ार पर चल रहे निजी मेले को तत्काल हटाया जाए। इस संबंध में सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।

विकास कार्यों पर जनता का आक्रोश

क्षेत्रीय अध्यक्ष सुभाष सागर ने ग्यासपुरा क्षेत्र में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि आगरा नगर निगम द्वारा 5.50 करोड़ रुपये के विकास कार्य (सड़क, नाली निर्माण और स्ट्रीट लाइट) स्वीकृत किए गए हैं, जिनका शिलान्यास भी हो चुका है। इसके बावजूद अब तक धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ है, जिससे स्थानीय जनता में भारी रोष व्याप्त है।

प्रमुख तिथियां:

14 अप्रैल: शहर में निकलेगी भव्य आंबेडकर जयंती शोभायात्रा।

​15 से 17 अप्रैल: शाहगंज GIC मैदान में सजेगा भीमनगरी का मुख्य दरबार।

भूमि पूजन के अवसर पर एडवोकेट करतार सिंह भारतीय, श्याम जरारी, ऋषि कुमार, प्रताप सिंह, रवि शंकर, संजय सिंह, अजय राना सहित बड़ी संख्या में भीमनगरी प्रेमी और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh