मथुरा पुलिस ने दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये ठग फर्जी आईडी पर सिम निकलवाते हैं और गूगल से चावल, चीनी और स्क्रैप के सप्लायरों का नंबर प्राप्त करते हैं। इन सप्लायरों को फर्जी फर्म के कागजात और फर्जी आई कार्ड दिखाकर विश्वास में ले लेते हैं। विश्वास होने पर एडवांस के रूप में इन लोगों से 50 हजार से एक लाख रुपये तक ऑनलाइन अपने खाते में डलवा लेते हैं।
इसके बाद इन सप्लायरों को फर्जी गोदाम, फैक्ट्री के निरीक्षण के लिए बुलाते हैं। बाहर से आने वाले व्यक्तियों के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन से रिसीव कर उनको मेवात में बन्धक बनाकर मुंह मांगी रकम वसूलते हैं। इसी क्रम में इंस्टाग्राम एप्प व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किसी कंपनी नौकरी का झांसा देते हैं। नटराज पेंसिल घर पर बैठकर पैक करने की नौकरी का झांसा देकर लोगों से आधार कार्ड और 500 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर ले लेते हैं। फिर फर्जी नटराज कंपनी की एम्प्लोयी आईडी कार्ड बनाकर उसको व्हाट्सएप पर भेज देते हैं।
रजिस्ट्रेशन फीस 500 रुपये मिल जाने के बाद अभियुक्त लोगों के घर पर नटराज कम्पनी के सामान (पेन, पेंसिल डिब्बे व अन्य पैकिंग सामान) को भेजने के नाम पर 6000 रुपये डिलीवरी चार्ज के रूप में अपने फर्जी खातो में डलवाते हैं। जब सामने वाले को शक होता है तो अपना सिम निकाल कर तोडकर फेंक देते हैं और पुनः फर्जी आधार कार्ड पर प्राप्त नई सिम का इस्तेमाल करते हुए अपने काम को अंजाम देते रहते हैं।
मथुरा पुलिस ने दो साइबर ठगों को गिरफ्तार करके साइबर ठगी के नए तरीकों का खुलासा किया है। ये ठग फर्जी आईडी पर सिम निकलवाकर और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके लोगों को ठगते हैं। लोगों को ऐसे ठगों से सावधान रहने की जरूरत है।
मथुरा पुलिस ने बताया कि ये ठग पूर्व में भी इसी तरह की घटनाओं में शामिल रहे हैं। पुलिस ने इन ठगों के पास से फर्जी आधार कार्ड, फर्जी एम्प्लोयी आईडी कार्ड, तमंचा और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।
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