बरेली। बरेली जिले की फरीदपुर सुरक्षित विधानसभा सीट से भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का शुक्रवार दोपहर आकस्मिक निधन हो गया। सर्किट हाउस में प्रदेश के पशुधन विकास मंत्री के साथ चल रही समीक्षा बैठक के दौरान उन्हें दिल का गंभीर दौरा पड़ा। इस अप्रत्याशित घटना से जिले भर में शोक की लहर दौड़ गई।
सर्किट हाउस में अचानक बिगड़ी हालत, मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे बैठक के दौरान डॉ. श्याम बिहारी लाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई। वे कुर्सी पर ही असहज हो गए, जिसके बाद बैठक कक्ष में अफरा-तफरी मच गई। साथ मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें इलाज के लिए बरेली के एक निजी अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचते ही स्थिति नाजुक, एक घंटे चला बचाने का प्रयास
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक विधायक को अस्पताल लाए जाने से पहले ही गंभीर हार्ट अटैक आ चुका था। उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक थी, बीपी और पल्स नहीं मिल रही थी। चिकित्सकों की टीम ने करीब एक घंटे तक सीपीआर और अन्य जीवनरक्षक प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। लगभग तीन बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
जन्मदिन के ठीक अगले दिन आई दुखद खबर
गौर करने वाली बात यह है कि डॉ. श्याम बिहारी लाल ने एक दिन पहले ही अपना 60वां जन्मदिन मनाया था। गुरुवार को शुभकामनाओं का सिलसिला जारी था, किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि अगले ही दिन ऐसा हृदयविदारक समाचार सामने आएगा। उनके परिवार में पत्नी मंजू लता, एक पुत्र और दो बेटियां हैं।
आवास पर उमड़ा प्रशासन और नेताओं का जमावड़ा
निधन की सूचना मिलते ही विधायक के आवास पर जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचने लगे। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। भाजपा के सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने भी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को सांत्वना दी।
मुख्यमंत्री समेत शीर्ष नेतृत्व ने जताया शोक
मुख्यमंत्री ने विधायक के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह जनप्रतिनिधि के साथ-साथ समाज के लिए भी बड़ी क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
हालिया टोल विवाद से भी रहे चर्चा में
बीते दिनों 9 दिसंबर 2025 को एक टोल प्लाजा विवाद को लेकर डॉ. श्याम बिहारी लाल चर्चा में आए थे। सरकारी वाहन रोके जाने और टोल पर देरी को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई थी। बाद में टोल प्रबंधन ने माफी मांगते हुए संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई की थी। विधायक ने इस मुद्दे को व्यक्तिगत नहीं, बल्कि व्यवस्था और सड़क हालात से जोड़कर उठाया था।
शिक्षाविद् से दो बार विधायक बनने तक का सफर
डॉ. श्याम बिहारी लाल का जन्म 1 जनवरी 1966 को हुआ था। उन्होंने इतिहास में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की और लंबे समय तक विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दीं।
राजनीति में उन्होंने 2017 में पहली बार भाजपा के टिकट पर फरीदपुर विधानसभा सीट से जीत दर्ज की और 2022 में लगातार दूसरी बार विधायक बने। क्षेत्र में शिक्षा, बिजली, बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर वे सक्रिय और स्पष्ट राय रखने वाले जनप्रतिनिधि माने जाते थे।
फरीदपुर के लिए अपूरणीय क्षति
एक सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, शिक्षाविद् और सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में डॉ. श्याम बिहारी लाल का अचानक जाना फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके निधन से राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक गहरा शोक व्याप्त है।
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