Agra, Uttar Pradesh, India. कोरोनावायरस की दूसरी लहर शुरू हो गई है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ने विवाह समारोह में अधिकतम 100 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी है। साथ ही बैंड बाजा पर रोक लगा दी है। समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध किया है। सपा नेता बैंजबाजा लेकर जिलाधिकारी आगरा कार्यालय पहुंचे और बैंड बजाकर विरोध जताया। मांग की कि बैंडबाजा पर रोक न लगायी जाए। जिला प्रशासन का कहना है कि अगर बारात में बैंड बजा तो महामारी फैलाने के मामले में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। बीमार, बुजुर्ग और गर्भवतियों को सामूहिक समारोह में आमंत्रित नहीं किया जाएगा।
क्या है मामला
समाजवादी पार्टी के शहर अध्यक्ष वाजिद निसार के नेतृत्व में दर्जनों बैंड कारोबारी जिला मुख्यालय पहुंचे। बैंड संचालकों ने बैंड बजाया। अपनी पीड़ा प्रशासन के कानों तक पहुंचाने का प्रयास किया। कलक्ट्रेट में अचानक बैंड सुनकर लोग भौंचक रह गए।
आओ बात करें
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बैंड कारोबारी की पीड़ा
बैंड कारोबारी साबिर अली ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उन्होंने बच्चों के लिए दूसरों से पैसा लेकर खर्चा चलाया। उम्मीद थी कि सहालग में सबका कर्ज चुका देंगे। सहालग के लिए बैंड बुक हो गए। अब प्रशासन ने बैंड बजाने पर रोक लगा दी है। परिवार के सामने विकट समस्या खड़ी हो गई है। क्या जिला प्रशासन हमारे परिवार का खर्च उठाएगा?
सपा आंदोलन के लिए तैयार
इस बारे में समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष वाजिद निसार ने मीडिया को बताया कि नौ महीने से बैंड और लाइट कारोबारी ब्याज पर पैसे लेकर परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। अचानक ही इस पर रोक लगा दी गई है। अबे ये बैंड संचालक क्या करें?परिवार का खर्च कैसे चलाएं? समाजवादी पार्टी पीड़ित बैंडबाजा संचालकों के साथ है। वाजिद निसार ने कहा कि शादियों में बैंड बजाने की अनमुति दी जाए अन्यथा जिला प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोवन किया जाएगा। इस दौरान कोई घटना होती है तो जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होगी, हमारी नहीं।
ये हैं निर्देश
एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि शादी समारोह की अनुमति के लिए किसी को कलक्ट्रेट और तहसील नहीं आना पड़ेगा। संबंधित थाना प्रभारी को आयोजन की सूचना देनी होगी। थाना स्तर से ही पुलिस कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराएगी। बैंड-बाजा, साउंड सिस्टम बजाने पर प्रतिबंध है। कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध धारा 144 और 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एडीएम सिटी ने बताया कि मैरिज होम या घर में लोगों की क्षमता के 50 फीसदी लोग ही समारोह में शामिल हो सकते हैं। यदि मैरिज हॉल की क्षमता ही 100 लोगों की है तो वहां 50 लोग ही आ सकेंगे। बता दें कि कोरोना संक्रमितों के मामले बढ़ने पर जिला प्रशासन ने शादी और अन्य सामूहिक समारोहों में अधिकतम 100 लोग के शामिल होने की संख्या तय की है। विवाह समारोह में 200 मेहमानों की जगह अब केवल 100 मेहमान ही शामिल हो पाएंगे।
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