100 वर्ष की राष्ट्र साधना का साक्षी बनेगा आगरा, 15 जनवरी को होगा आरएसएस के भव्य ‘माधव भवन’ का लोकार्पण

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आरएसएस ब्रज प्रांत के 5 मंजिला अत्याधुनिक ‘माधव भवन’ का लोकार्पण 15 जनवरी को, डॉ. कृष्ण गोपाल जी और राजराजेश्वराश्रम महाराज करेंगे शुभारंभ

आगरा, 14 जनवरी 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, ब्रज प्रांत के आगरा स्थित पुनर्निर्मित प्रांतीय कार्यालय ‘माधव भवन’ का भव्य लोकार्पण 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) को किया जाएगा। माघ कृष्ण द्वादशी, संवत् 2082 के पावन अवसर पर आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को लेकर संघ स्वयंसेवकों में विशेष उत्साह है और तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।

लोकार्पण समारोह का शुभ मुहूर्त

भवन का लोकार्पण कल (15 जनवरी 2026) प्रातः 10:00 बजे
शारदा पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम जी महाराज
एवं
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी
के करकमलों से संपन्न होगा।

ऐतिहासिक महत्व

विदित हो कि वर्ष 1977 से जयपुर हाउस स्थित
माधव भवन
ब्रज प्रांत में संघ की गतिविधियों और सेवा कार्यों का प्रमुख केंद्र रहा है। स्थान की आवश्यकता और बढ़ते कार्य विस्तार को देखते हुए इस भवन का पुनर्निर्माण किया गया है। पुनर्निर्मित भवन आज की आवश्यकता के अनुसार बनाया गया है।

भगवा वातावरण और उत्साह

लोकार्पण समारोह को लेकर स्वयंसेवकों में भारी उत्साह है। कार्यक्रम स्थल को भगवा ध्वजों और फूलों से सजाया जा रहा है।
डॉ. कृष्ण गोपाल जी
मुख्य वक्ता के रूप में रहेंगे। प्रांत के विभिन्न जिलों से वरिष्ठ पदाधिकारी और गणमान्य अतिथि आगरा पहुँच रहे हैं।

प्रांत प्रचार प्रमुख का वक्तव्य

प्रांत प्रचार प्रमुख
कीर्ति कुमार
ने बताया कि यह भवन केवल प्रशासनिक कार्यालय नहीं, बल्कि समाज जागरण और सेवा कार्यों की योजना बनाने का पवित्र स्थान सिद्ध होगा।

नये माधव भवन की विशेषताएँ

लगभग 1000 वर्गगज में बना संघ कार्यालय।
5 मंजिला बिल्डिंग में 21 कमरे और 3 बड़े हॉल।
ब्रज और राजस्थानी शैली में निर्मित भवन।
हर फ्लोर पर कॉमन टॉयलेट।
अलग-अलग पदाधिकारी कक्ष।
लिफ्ट व सेंट्रल एयर कंडीशन हॉल।
ऑटोमैटिक लाइट सिस्टम।
RO प्लांट व 5000 लीटर गीजर।
पूरी बिल्डिंग में वाई-फाई सुविधा।
मुख्य द्वार पर रिसेप्शन।
सितंबर 2022 में शिलान्यास।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ : 100 वर्ष की अखंड साधना

वर्ष
1925
की विजयादशमी को
डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार
द्वारा स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आज अपने
100वें वर्ष
में प्रवेश कर चुका है। यह यात्रा सत्ता, प्रचार या लाभ की नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए निःस्वार्थ तपस्या की यात्रा है।

संघ ने समाज को जोड़ने का काम किया, तोड़ने का नहीं। जब देश संकट में था, संघ स्वयंसेवक बिना नाम और पहचान के सेवा में डटे रहे। शाखाओं में संस्कार पाए स्वयंसेवकों ने राष्ट्र को चरित्रवान नागरिक दिए।

भूकंप, बाढ़, महामारी, दंगे या सीमावर्ती संकट—हर परिस्थिति में संघ स्वयंसेवक सबसे पहले पहुँचे और सबसे अंत तक डटे रहे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति संघ की आत्मा रही है।

विद्या भारती, सेवा भारती, वनवासी कल्याण आश्रम, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय मजदूर संघ जैसे संगठनों के माध्यम से संघ ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाई। यही 100 वर्षों की सच्ची उपलब्धि है।

संपादकीय

माधव भवन का पुनर्निर्माण केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि संघ की शताब्दी साधना का मूर्त रूप है।

इस महान कार्य को साकार करने में
आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी विजय गोयल
का योगदान ऐतिहासिक है।

दिन-रात एक कर, हर जिम्मेदारी को स्वयं उठाकर उन्होंने यह सिद्ध किया कि संघ का कार्य पद का नहीं, कर्तव्य का विषय होता है।

विजय गोयल जैसे तपस्वी स्वयंसेवकों के कारण ही संघ की इमारतें ईंट-पत्थर नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा के जीवंत मंदिर बनती हैं।

डॉ भानु प्रताप सिंह, संपादक

 

Dr. Bhanu Pratap Singh