आगरा। आगरा में बहुप्रतीक्षित कन्वेंशन सेंटर की योजना अब नया मोड़ ले चुकी है। वर्षों से इनर रिंग रोड के किनारे जिस अधिवेशन केंद्र की परिकल्पना की जा रही थी, अब वह ग्वालियर रोड स्थित अटलपुरम टाउनशिप में आकार लेगा। आगरा विकास प्राधिकरण ने भूमि विवादों और मुआवजा अड़चनों के कारण पुरानी योजना से हटकर नई दिशा में यह कदम उठाया है।
कन्वेंशन सेंटर की नई लोकेशन यह दिखाती है कि योजनाएं केवल कागजों पर नहीं, जमीनी हकीकतों पर टिकती हैं। अटलपुरम में इसकी स्थापना से आगरा न केवल उत्तर भारत का सांस्कृतिक केंद्र बनेगा, बल्कि कॉर्पोरेट और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए भी पसंदीदा ठिकाना बन सकता है।
इनर रिंग रोड पर क्यों रुकी योजना?
रायपुर और रहनकलां गांवों में अधिग्रहित भूमि को लेकर किसान मुआवजे के मुद्दे पर लामबंद हो गए थे। किसानों की यह मांग थी कि उन्हें वर्तमान सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाए। मुआवजा वितरण में देरी ने प्राधिकरण की बड़ी योजनाओं, जैसे ग्रेटर आगरा और कन्वेंशन सेंटर की रफ्तार थाम दी थी।
अब इसके केंद्र में है अटलपुरम
अब आगरा विकास प्राधिकरण की निगाहें ग्वालियर रोड पर स्थित अटलपुरम टाउनशिप पर टिकी हैं। लगभग 138.53 हेक्टेयर में प्रस्तावित इस योजना को मास्टर प्लान-2031 के तहत विकसित किया जाना है। अटलपुरम में कन्वेंशन सेंटर के साथ आवासीय और व्यावसायिक विकास की भी योजना है, जिससे यह क्षेत्र आगरा का नया हॉटस्पॉट बन सकता है।
कन्वेंशन सेंटर से आगरा को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच
अब ग्वालियर रोड पर अटलपुरम टाउनशिप में प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर में 3000-5000 सीटों वाला विशाल ऑडिटोरियम, वीआईपी लॉन्ज, ग्रीन रूम, मल्टीलेवल पार्किंग का भी प्रावधान होगा। इसके अलावा प्रदर्शनी हॉल, फूड कोर्ट, मीडिया सेंटर, आधुनिक ध्वनि और दृश्य प्रणाली तथा छोटे हॉल भी बनेंगे, जिनमें 200 से 500 लोगों की बैठक क्षमता होगी। एडीए इसी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॊडल पर आकार देना चाहता है।
आगरा के लिए क्यों जरूरी है ये सेंटर?
ताजमहल होने के बावजूद आगरा में अब तक कोई वर्ल्ड-क्लास अधिवेशन केंद्र नहीं है। लखनऊ, नोएडा, जयपुर जैसे शहर इससे कहीं आगे हैं। इसके बनने से स्थानीय हस्तशिल्प, पर्यटन, शिक्षा और व्यापार के आयोजन को बड़ा मंच मिलेगा। आगरा में बेहतर कनेक्टिविटी के कारण आयोजन सुगमता से हो सकेंगे। विवाद रहित क्षेत्र में बनाने से योजना तेजी से पूरी हो सकेगी।
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