आगरा। जिले में निरंतर बढ़ रहा यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से केवल एक फुट नीचे रह गया है। बढ़ते पानी ने खेतों में फसल को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। शहर में कैलाश, बल्केश्वर, हाथी घाट व दशहरा घाट डूब गए हैं। सोमवार की शाम वाटर वर्क्स पर जलस्तर 494.2 फुट बताया गया है। बाढ़ का चेतावनी स्तर 495 फुट है। जिला प्रशासन ने कई गांवों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया है।
सिंचाई विभाग का कहना है कि यमुना में मंगलवार को और पानी बढ़ेगा, इसके बाद जलस्तर कम होना शुरू हो जाएगा।
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे गोकुल बैराज से नदी का डिस्चार्ज 50 हजार क्यूसेक से बढ़ाकर 75 हजार कर दिया गया। शनिवार और रविवार को गोकुल बैराज से लगभग 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गोकुल बैराज से छोड़ा गया पानी निचले क्षेत्रों में घुसने लगा है। नदी किनारे खेत जलमग्न हो गए हैं। फसलें डूब गई हैं। फतेहाबाद व बाह के 35 गांव चपेट में हैं।
बटेश्वर के घाट पर महिला स्नानागार डूब गया है।
खेतों में फसल को नुकसान पहुंच रहा है। जिलाधिकारी का कहना है कि यमुना के जलस्तर को लेकर प्रशासन पूर्ण रूप से सतर्क है। घाटों पर बढ़े हुए जलस्तर को लेकर प्रशासन ने सीढ़ियों से उतर कर यमुना स्नान न करने की चेतावनी जारी की है।
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