आगरा। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने महिला उत्पीड़न की रोकथाम एंव पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिये महिला जनसुनवाई के साथ ही सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों के साथ शासन द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस बीच आयोग की अध्यक्ष ने यह सूची तैयार करने को कहा है कि राजकीय विद्यालयों में कितने नये महिला छात्रावासों की जरूरत पड़ेगी।
नवीन सर्किट हाउस में आयोग की अध्यक्ष ने जिला प्रोबेशन अधिकारी से वर्तमान में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि सरकार द्वारा पर्याप्त योजनायें संचालित की जा रही हैं, लेकिन सरकारी योजनाओं का लाभ धरातल पर लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने सभी पात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जनपद में माह नवम्बर में 499 सामूहिक विवाह सम्पन्न हुए हैं। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत सभी भुगतान 48 घंटे में किये जाने तथा मौके पर ही लाभार्थी के बैंक खाता खोले जाने हेतु निर्देशित किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं हेतु मुफ्त में अल्ट्रासाउण्ड की सुविधा प्रदान की जाती है, गर्भवती मां स्वास्थ्य विभाग से वाउचर प्राप्त कर विभाग से अनुबन्धित किसी भी अस्पताल में अल्ट्रासाउण्ड करा सकती हैं। अध्यक्ष ने इस योजना का वृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार कराये जाने के निर्देश दिए।
बैठक में अध्यक्ष बबिता चौहान ने पीएम मातृत्व वंदना योजना की समीक्षा की। माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा की गई तथा विद्यालयों में शौचालय की उपलब्धता, साफ-सफाई, सेनेटरी पैड, छात्राओं की सुरक्षा की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने माध्यमिक विद्यालयों में नये छात्रावास बनाने हेतु सर्वे करने तथा सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे कि जनपद में नये छात्रावासों के निर्माण का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जा सके।
बैठक के पश्चात आयोग अध्यक्ष ने महिला उत्पीड़न से संबंधित जनसुनवाई की। 70 महिलाओं द्वारा अपने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए। सुनवाई के समय मौजूद एसीपी सुकन्या शर्मा को मौके पर निर्देशित किया तथा संबंधित थानों को निस्तारण हेतु प्रार्थना पत्र प्रेषित कर जल्द से जल्द उन पर निस्तारण की कार्यवाही कर अवगत कराये जाने के कड़े निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त जो मामले भूमि विवाद से संबंधित थे, उनके लिए एसडीएम सदर को प्रेषित करने के लिए निर्देशित किया गया। अन्य प्रकार के मामले संबंधित विभाग के अधिकारी को प्रेषित किए गए और सभी को निर्देश दिए कि प्रकरणों पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए और गुणवत्तापूर्ण उसका निस्तारण किया जाए।
जनसुनवाई के समय एसीपी सुकन्या शर्मा, एसीएम प्रथम रतन वर्मा, सीएमओ डॉ. अरूण श्रीवास्तव, जिला समाज कल्याण अधिकारी जीआर प्रजापति, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ज्ञान देवी, महिला थानाध्यक्ष, खण्ड शिक्षा अधकारी नगर सुमित कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला प्रोबेशन अधिकारी अजय पाल सिंह सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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