आगरा: डिजिटल इंडिया के दौर में जहां तकनीक ने जीवन आसान किया है, वहीं साइबर अपराधियों ने बुजुर्गों को अपना आसान शिकार बनाना शुरू कर दिया है। इसी खतरे को भांपते हुए ‘आई सर्व खुशियों के पल’ संस्था द्वारा देव नगर स्थित कार्यालय पर एक विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस सत्र में साइबर विशेषज्ञों ने बुजुर्गों को ठगी के आधुनिक तरीकों और उनसे बचने के सटीक उपायों से रूबरू कराया।
“पुलिस कभी वीडियो कॉल पर अरेस्ट नहीं करती”
कार्यशाला के मुख्य वक्ता साइबर क्राइम थाने के सब इंस्पेक्टर भगवान सिंह ने हाल के दिनों में बढ़े ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी या पुलिस कभी भी फोन या वीडियो कॉल के जरिए गिरफ्तारी की धमकी नहीं देती।
उन्होंने बुजुर्गों को चेतावनी दी कि भय या लालच में आकर कभी भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
इन चार बड़े फ्रॉड से रहें सावधान:
विशेषज्ञों ने मुख्य रूप से चार तरह की ठगी पर ध्यान केंद्रित किया:
इन्वेस्टमेंट फ्रॉड: कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच।
डिजिटल अरेस्ट: पुलिस या सीबीआई का डर दिखाकर पैसा ऐंठना।
सिम स्वैप और एपीके फ्रॉड: अनजान लिंक या ऐप के जरिए मोबाइल का कंट्रोल लेना।
यूपीआई ठगी: क्यूआर कोड स्कैन कराकर बैंक खाता खाली करना।
1930 है आपका सबसे बड़ा हथियार
संस्था के प्रबंधक अनुराग जैन ने बताया कि तकनीक की सीमित जानकारी के कारण वरिष्ठ नागरिक ठगों के निशाने पर रहते हैं। कार्यशाला में टीम ने सलाह दी कि किसी भी ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं।
सत्र के दौरान बुजुर्गों ने अपने अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान पाया। इस अवसर पर एसआई शशांक कौशल, नीतू तोमर, निशांत ढाका और अभिषेक कुमार सहित संस्था के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
- आगरा के थाना सैंया क्षेत्र में सनसनीखेज वारदात, मेले से लापता हुई लड़की का शव पेड़ से लटका मिलने से मचा हड़कंप - September 14, 2026
- आगरा बेसिक शिक्षा विभाग में ट्रांसफर सूची को लेकर मचा हड़कंप, खंड शिक्षाधिकारी के पद पर दर्ज हो गया सहायक अध्यापक का नाम - September 14, 2026
- आगरा के बापू नगर में 60 वर्षों से बसे 200 से अधिक परिवारों पर मंडराया बेघर होने का खतरा, सिंचाई विभाग के नोटिस से मची खलबली - September 14, 2026