आगरा के बाह में सपा की बैठक में हाईवोल्टेज ड्रामा: चुनाव आयोग के खिलाफ रणनीति बना रहे नेताओं के बीच जमकर हुई तीखी बहस और हाथापाई

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आगरा/बाह: उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा के बाह विधानसभा क्षेत्र में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए बुलाई गई समाजवादी पार्टी (सपा) की एक महत्वपूर्ण बैठक उस वक्त अखाड़े में तब्दील हो गई, जब पार्टी के भीतर की आपसी खींचतान और कलह खुलेआम सड़कों और मंच पर आ गई। बाह के बिजौली गांव स्थित एसएस गार्डन में शनिवार को आयोजित इस बैठक में नेताओं के बीच शुरू हुई तीखी बहस इतनी बढ़ी कि बात हाथापाई और धक्का-मुक्की तक पहुँच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

चुनाव आयोग के घेराव की रणनीति पर हो रही थी चर्चा

यह बैठक मूल रूप से आगामी 7 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित विशाल प्रदर्शन और घेराव की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई थी। बैठक में जिला उपाध्यक्ष सुधीर दुबे, राजेश यादव, जिला सचिव आलोक यादव, महेश गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा, विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर खैर, महेश वर्मा और सुरेश यादव सहित तमाम प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।

​लेकिन चुनावी रणनीति पर मंथन के दौरान ही पार्टी के भीतर का पुराना और दबा हुआ अंर्तद्वन्द्व बाहर आ गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले महीने 11 सितंबर को जैतपुर में सपा के राष्ट्रीय महासचिव विशंभर प्रसाद की ‘पीडीए चौपाल’ के दौरान हुई व्यवस्थाओं और बयानों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गया।

​सुधीर दुबे और मुकेश बरुआ के समर्थक आए आमने-सामने

​इस पूरे विवाद के केंद्र में सपा जिला उपाध्यक्ष सुधीर दुबे और स्थानीय नेता मुकेश बरुआ रहे। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस के दौरान माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि उनके समर्थक भी आमने-सामने आ गए और हाथापाई जैसी स्थिति बन गई। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह अन्य कार्यकर्ता दोनों पक्षों को शांत कराने और अलग करने की कोशिश कर रहे हैं।

​राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस विवाद के पीछे केवल तात्कालिक कहासुनी नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए दोनों नेताओं की तरफ से टिकट की बढ़ती दावेदारी और आपसी प्रतिस्पर्धा भी एक बड़ा कारण हो सकती है। हालांकि, विवाद के बाद खुद मुकेश बरुआ ने कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी की बात तो कबूली, लेकिन सुधीर दुबे के साथ किसी भी तरह की व्यक्तिगत दुश्मनी से इनकार किया। वहीं, सुधीर दुबे ने इसे पार्टी के भीतर का ‘लोकतंत्र’ बताते हुए ऐसी घटनाओं को सामान्य करार दिया।

चुनावी तैयारियों के बीच गुटबाजी की चर्चाएं तेज

​भले ही विधानसभा चुनाव में अभी वक्त है, लेकिन राजनीतिक दलों के संभावित उम्मीदवारों ने अभी से अपनी ज़मीन मजबूत करनी शुरू कर दिया है। बाह विधानसभा सीट पर भी सपा के कई नेता सक्रिय हैं, जिसके चलते बैठकों में शक्ति-प्रदर्शन और वर्चस्व की लड़ाई अक्सर देखने को मिल जाती है।

​दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ जहाँ पूरा विपक्ष चुनाव आयोग और मतदाता सूची के मुद्दों को लेकर लामबंद हो रहा है और 7 अक्टूबर के बड़े प्रदर्शन की तैयारी में जुटा है, वहीं बाह में हुई इस अंतर्कलह ने पार्टी के संगठनात्मक अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, वायरल वीडियो और नेताओं की सफाई के बीच यह घटना स्थानीय स्तर पर चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है।

Dr. Bhanu Pratap Singh