आगरा: आगरा में एक शोध छात्रा द्वारा प्रोफेसर पर लगाए गए शारीरिक शोषण के गंभीर आरोपों के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। आरोपी प्रोफेसर गौतम जैसवार की पत्नी डॉ. कविता चौधरी ने बुधवार को मीडिया के सामने आकर अपने पति के पक्ष में खुलकर बयान दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. कविता ने कहा कि उनके पति निर्दोष हैं और उन्हें एक सुनियोजित साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित छात्रा उनके पति को ब्लैकमेल कर रही है और उनसे पैसों की अवैध मांग कर चुकी है।
“अगर शोषण हुआ था तो दो साल तक क्यों चुप रही छात्रा?”
डॉ. कविता ने छात्रा के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वास्तव में उसके साथ शारीरिक शोषण हुआ था, तो वह दो वर्षों तक चुप क्यों रही? उन्होंने कहा कि छात्रा बालिग और शिक्षित है, जो अपने हित-अहित का निर्णय स्वयं कर सकती है।
उन्होंने बताया कि छात्रा उनके घर आती-जाती थी और परिवार के सभी सदस्यों, यहाँ तक कि बच्चों से भी परिचित थी। ऐसे में अचानक इतने गंभीर आरोप लगाना, अपने आप में संदेह पैदा करता है।
शपथ पत्र और एफआईआर में विरोधाभास
डॉ. कविता ने दावा किया कि छात्रा के पहले दिए गए शपथ पत्र में कई तथ्य ऐसे हैं जो उसके ही आरोपों का खंडन करते हैं। उन्होंने कहा कि दर्ज एफआईआर में भी ‘जबरिया यौन संबंध’ का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जिससे यह साफ होता है कि मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
“मेरे पति को बदनाम करने की साजिश”
प्रोफेसर की पत्नी ने कहा कि पूरा मामला उनके पति की छवि धूमिल करने और करियर बर्बाद करने की कोशिश है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की ताकि सच्चाई सामने आ सके और निर्दोष को न्याय मिल सके।
साथ ही उन्होंने मीडिया और समाज से अपील की कि मामले को एकतरफा दृष्टिकोण से न देखा जाए और प्रोफेसर गौतम जैसवार को अपनी सफाई देने का पूरा अवसर दिया जाए।
(मामले की जांच पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की जा रही है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि आगे होगी।)
- शासन भी मेरा, प्रशासन भी मेरा…पुलिस चौकी के अंदर BJP नेत्री ने युवक को पीटा, FIR दर्ज; यूपी के सुल्तानपुर का वीडियो वायरल - July 9, 2026
- उद्घाटन से पहले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे धंसने के सवाल पर बोले योगी सरकार के मंत्री – आप अपने आप सड़क बना लो… - July 9, 2026
- राम मंदिर चढ़ावा विवाद: ट्रस्ट का बड़ा एक्शन, चंपत राय और अन्य निष्कासित सदस्यों के वीआईपी पास जारी करने के अधिकार खत्म - July 9, 2026