आगरा। कमला नगर स्थित जनक पार्क आगामी जनवरी में वैदिक परंपरा, आध्यात्मिक चिंतन और आर्य संस्कृति के विराट संगम का साक्षी बनेगा। आर्य केंद्रीय सभा द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आर्य महासम्मेलन में देशभर से वैदिक विद्वान, आचार्य और हजारों आर्यजन जुटेंगे। सम्मेलन के दौरान यज्ञ, योग, वेद-विचार, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों की अविरल धारा प्रवाहित होगी।
आर्य केंद्रीय सभा की बैठक रविवार को जयपुर हाउस स्थित आर्य समाज मंदिर में हुई, जहां पदाधिकारियों ने सम्मेलन के पोस्टर का विमोचन करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की।
सभा के प्रधान सीए मनोज खुराना ने बताया कि यह आयोजन महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती और आर्य समाज स्थापना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में आयोजित राष्ट्रीय आयोजनों का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि देशभर के वैदिक विद्वान और बड़ी संख्या में आर्यजन इस महासम्मेलन में भाग लेंगे।
प्रमुख हस्तियां होंगी सम्मिलित
सम्मेलन के मुख्य वक्ताओं में योग गुरु स्वामी रामदेव, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, तथा एमडीएच समूह के चेयरमैन राजीव गुलाटी सहित कई प्रख्यात व्यक्तित्वों को आमंत्रित किया गया है।
योग, यज्ञ और वेद-विचार का समन्वित कार्यक्रम
कार्यक्रम संयोजक प्रदीप कुलश्रेष्ठ ने बताया कि सम्मेलन का प्रत्येक दिन प्रातः योग और यज्ञ से शुरू होगा। इसके बाद चिकित्सकों, शिक्षाविदों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और विभिन्न व्यवसायिक वर्गों के लिए वेद-विचार आधारित विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
शाम के सत्र में भव्य लेज़र शो, महर्षि दयानंद के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी एवं फिल्म प्रदर्शन भी सम्मेलन का मुख्य आकर्षण होंगे।
आर्यवीर दल का प्रदर्शन एवं भव्य शोभायात्रा
तीन दिवसीय इस आयोजन में आर्यवीर दल के बच्चों द्वारा अभ्यास प्रदर्शन, विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा एक भव्य शोभायात्रा निकालने का भी निर्णय लिया गया है। देशभर के लगभग एक दर्जन प्रतिष्ठित वैदिक आचार्य और भजनोपदेशक इस आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
बैठक में वीरेंद्र कनवर, सुधीर अग्रवाल, आर्य अश्वनी, अनुज आर्य, विकास आर्य, देव शरण शास्त्री, राकेश तिवारी, अरविंद मेहता, बुद्धसेन आर्य, उमेश पाठक, भारत भूषण सामा, प्रदीप डेम्बल, विजय अग्रवाल, बृजराज परमार, सुशील हसीजा, राजकुमारी सिंघल, रामसखी विद्यार्थी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित रहे।
आर्य महासम्मेलन को लेकर शहर में उत्साह देखा जा रहा है, और आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम वैदिक ज्ञान और आर्य संस्कृति के व्यापक प्रचार का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
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