आगरा। कमला नगर स्थित जनक पार्क से शुक्रवार को अग्रवाल सेवा सदन तक भव्य एवं आध्यात्मिक कलश यात्रा निकाली गई। श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर निकली इस यात्रा में श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। यात्रा में राधा-कृष्ण के बाल स्वरूप, बैंड-बाजे, धार्मिक एवं आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
कलश यात्रा में करीब 251 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर सहभागिता की। गुलाबी परिधानों में सजी महिलाओं की कतार ने पूरे वातावरण को भक्ति के रंग में रंग दिया। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। भजनों और धार्मिक जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कलश यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने यह संदेश दिया कि भारतीय संस्कृति में धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि जीवन को संस्कार, सेवा, सद्भाव और सत्य के मार्ग पर ले जाने वाली प्रेरणा है।
अग्रवाल सेवा सदन पहुंचने के बाद विधिवत पूजन-अर्चन के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा व्यास परमहंस स्वामी गिरीशानंद सरस्वती ने गणेश पूजन, कथा महात्म्य एवं नारद चरित्र का आध्यात्मिक वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि मनुष्य को आत्मचिंतन और परमात्मा से जुड़ने का मार्ग दिखाने वाला दिव्य ग्रंथ है। भागवत श्रवण से मन में सकारात्मकता, श्रद्धा और वैराग्य का भाव जागृत होता है। जब मनुष्य सांसारिक मोह से ऊपर उठकर भगवान की भक्ति में स्वयं को समर्पित करता है, तब उसके जीवन में वास्तविक शांति का प्रवेश होता है।
उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण और कथा श्रवण सबसे सरल साधना है। श्रीमद्भागवत हमें सिखाती है कि जीवन में कितनी भी परिस्थितियां आएं, मनुष्य को अपनी आस्था और धर्म के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए। नारद चरित्र के माध्यम से उन्होंने बताया कि ईश्वर की भक्ति के लिए उम्र, परिस्थिति या साधन बाधा नहीं होते; सच्ची श्रद्धा और समर्पण ही भगवान तक पहुंचने का माध्यम है।
कथा के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे कथा को केवल सुनें ही नहीं, बल्कि उसके संदेश को अपने जीवन में उतारें। परिवार में प्रेम, बड़ों का सम्मान, बच्चों में संस्कार, जरूरतमंदों की सेवा और समाज में सद्भाव बनाए रखना ही धार्मिक जीवन की वास्तविक पहचान है।
मनोज अग्रवाल ने बताया कि श्रद्धालु 20 अगस्त तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक कमला नगर स्थित अग्रवाल सेवा सदन में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर भक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। 21 अगस्त को प्रातः पूर्णाहुति एवं प्रसाद वितरण के साथ कथा का विश्राम होगा।
मुख्य यजमान पंकज अग्रवाल एवं आरती अग्रवाल रहे। इस अवसर पर हर्ष अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, पिंकी अग्रवाल, ऋषभ अग्रवाल, पलक अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, चिराग अग्रवाल, सोनम अग्रवाल, हिमांशु मित्तल, रुचि मित्तल, विपुल बंसल, तन्वी बंसल, शुभम अग्रवाल, दीक्षा अग्रवाल, यश बंसल, मुस्कान बंसल, विनोद जैन, रामकिशन अग्रवाल, सारिका अग्रवाल, लता बंसल आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रजत पांडे ने किया।
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