Agra News: पैर में फ्रैक्चर होने के कारण सीढ़ियां नहीं चढ़ सकी महिला, एसीपी इमरान अहमद ने जमीन पर बैठकर सुनी फरियाद

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​उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक तरफ जहां पुलिस अधिकारियों के सख्त रवैये और कार्यशैली को लेकर अक्सर चर्चाएं होती रहती हैं, वहीं दूसरी तरफ आगरा के फतेहाबाद से मानवीय संवेदनशीलता की एक बेहद सराहनीय तस्वीर सामने आई है। पैर में फ्रैक्चर होने के कारण सीढ़ियां चढ़ने में असमर्थ एक पीड़ित महिला जब अपनी शिकायत लेकर कार्यालय पहुंची, तो एसीपी ने अपनी कुर्सी की औपचारिकता न दिखाते हुए खुद नीचे आकर जमीन पर बैठकर उसकी पूरी फरियाद सुनी। एसीपी के इस संवेदनशील व्यवहार की चर्चा अब हर तरफ हो रही है।

पैर में फ्रैक्चर के कारण सीढ़ियां चढ़ना था मुश्किल

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला आगरा के थाना डौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पैतीखेड़ा गांव का है। यहां की रहने वाली तमन्ना देवी पत्नी शैलेंद्र सिंह अपनी शिकायत लेकर फतेहाबाद स्थित एसीपी कार्यालय पहुंची थीं।

बताया जा रहा है कि तमन्ना देवी के पैर में फ्रैक्चर है, जिसकी वजह से उनके लिए कार्यालय के रैंप या सीढ़ियां चढ़कर ऊपर तक जाना शारीरिक रूप से बेहद कठिन और असंभव था। वह कार्यालय के बाहर ही अपनी परेशानी के साथ लाचार बैठी थीं और किसी तरह अपनी बात अधिकारी तक पहुंचाना चाहती थीं।

एसीपी इमरान अहमद ने खुद उठाया सराहनीय कदम

जब एसीपी इमरान अहमद को यह पता चला कि एक घायल महिला अपनी शिकायत लेकर बाहर बैठी है और सीढ़ियों की समस्या के कारण ऊपर नहीं आ सकती, तो उन्होंने महिला को ऊपर बुलाने के बजाय खुद नीचे जाने का निर्णय लिया।
​एसीपी इमरान अहमद तुरंत अपने कार्यालय से नीचे आए और कार्यालय परिसर में महिला के पास जमीन पर ही बैठ गए। उन्होंने अत्यंत सहज और आत्मीय भाव से महिला की पूरी बात सुनी।

तमन्ना देवी ने एसीपी को 29 अगस्त को महिलाओं के बीच हुए एक विवाद की पूरी घटना और उससे जुड़ी अपनी परेशानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उचित कार्रवाई का मिला भरोसा

तमन्ना देवी की पूरी बात सुनने के बाद एसीपी इमरान अहमद ने उन्हें ढांढस बंधाया और पूरा भरोसा दिलाया कि उनके मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आम तौर पर फरियादियों को अपनी शिकायत लेकर अधिकारी के कक्ष तक जाना पड़ता है, लेकिन यहां शारीरिक असमर्थता को देखते हुए एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी द्वारा खुद नीचे आकर जमीन पर बैठना और फरियाद सुनना पुलिस और जनता के बीच के रिश्तों को मजबूत करने वाला एक बेहतरीन उदाहरण बन गया है। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर और पुलिस महकमे में एसीपी इमरान अहमद के इस संवेदनशील और मानवीय व्यवहार की जमकर तारीफ हो रही है।

Dr. Bhanu Pratap Singh