आगरा: लोकसभा चुनाव की रणभेरी बज गई है तो दूसरी ओर रुई की मंडी रेलवे फाटक संघर्ष समिति ने भी मोर्चा खोल दिया है। समिति ने तय किया है कि अगर रुई की मंडी रेलवे फाटक पर आरओबी नहीं तो वोट भी नहीं। इसके पोस्टर भी तेजी के साथ वायरल हो रहा है।
आपकों बताते चले कि आगरा के रुई की मंडी से रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को लगभग 3 साल पहले मंजूरी मिली थी जिस पर क्षेत्रीय लोगों ने खुशी जताई। क्योंकि आरओबी बनने से जाम से लोगों को निजात मिलेगा। इसका भूमि पूजन कर जनप्रतिनिधियों ने श्रेय भी ले लिया। 3 साल बीतने पर इसके लिए एक ईंट तक नहीं रखी जा सकी। 125 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आरओबी का निर्माण अधार में ही लटक गया। इससे लोगों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई।

रुई की मंडी पर आरओबी न होने पर पूरे दिन जाम के हालात रहते हैं। कई सालों से आरओबी बनाने की मांग की जा रही थी। 2019 में प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। रुई की मंडी के फाटक संख्या 75, 77 और 496 को जोड़ते हुए नगला छऊआ तक आरओबी के लिए 125 करोड़ रुपये मंजूर हो गए। अगस्त 2021 में इसके निर्माण के लिए भूमिपूजन कर शिलान्यास भी कर दिया गया। इसके बाद डिजाइन तय नहीं हो पाने के कारण निर्माण कार्य लटक गया।
रुई की मंडी रेलवे फाटक संघर्ष समिति ने अब चुनाव बहिष्कार की भी घोषणा कर दी है। समिति की ओर से एक पोस्टर व पम्पलेट भी वायरल किया जा रहा है। जिस पर लिखा है कि रुई की मंडी रेलवे फाटक पर “NO ROB NO VOTE” 50 सालों का लंबा इंतजार, जाम ही जाम बरकरार।संघर्ष समिति ने जनप्रतिनिधियों से जबाव मांगा है कि आखिरकार इस क्षेत्र में कब आरओबी का निर्माण होगा और कब लोगों को जाम से निजात मिलेगी।
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