आगरा जीआरपी लाइन पर मौजूद हर व्यक्ति के चेहरे पर अलग की खुशी नजर आ रही थी। लोग अपने मोबाइल को देखकर बार-बार मुस्कुराते हुए नजर आ रहे थे। कारण था कि उन्हें अपना खोया व चोरी हुआ मोबाइल आखिरकार वापस जो मिला और उनके चेहरे पर खुशी लौटाने का यह नेक काम किया आगरा जीआरपी ने। जीआरपी ने रेल सफर के दौरान यात्रियों के खोए व चोरी हुए लगभग 1.44 करोड़ के मोबाइल वापस लौटाए।
आपकों बताते चले कि जीआरपी यात्रियों के सफर को सुरक्षित बनाने के साथ साथ यात्रियों के खोए व चोरी हुए मोबाइल को लेकर एक विशेष अभियान चला रही है। इस अभियान के अंतर्गत जीआरपी आगरा अनुभाग की ओर से पिछले कई महीनों में बरामद किए मोबाइल को उनके स्वामियों को सौंपा गया। जीआरपी ने सभी लोगों को जीआरपी लाइन बुलाया और फिर एसपी रेलवे ने अपने हाथों से लोगों के मोबाइल सौंपे।
जीआरपी की ओर से चोरी या फिर गुम हुए 721 मोबाइल बरामद किए। इन मोबाइल की अनुमानित कीमत लगभग 1.44 करोड़ रुपए है। एसपी रेलवे से अपने खोए और चोरी हुए मोबाइल वापस पाए तो चेहरे पर खुशी लौट आई। एसपी रेलवे आदित्य ने बताया कि पिछले कई महीनो से जीआरपी लगातार इस नेटवर्क पर काम कर रही थी। इसके अंतर्गत चोरी और खोए हुए मोबाइल को बरामद किया गया। जीआरपी के लोग उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी पहुंचे जहां से चोरी और खोए हुए मोबाइल को बरामद किया गया।
खोए और चोरी हुए मोबाइल को वापस पाकर यात्रियों के चेहरे पर अलग ही खुशी दिखाई दे रही थी। उनका कहना था कि लगभग 6 महीने पहले रेल सफर के दौरान मोबाइल चोरी हुआ या फिर खो गया तो उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी कि अब उन्हें उनका मोबाइल मिल पाएगा लेकिन शिकायत करने के बाद आज उनका मोबाइल वापस मिल गया है। एक युवक ने बताया कि उसका मोबाइल ट्रेन में सफर के दौरान चोरी हुआ था इस मोबाइल में उसकी महत्वपूर्ण यादें भी हुई थी और महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट भी मौजूद थे। उन्हें उनका मोबाइल सही सलामत वापस मिल गया है जिससे वे बेहद खुश हैं।
- राम मंदिर चढ़ावा मामले में ओवैसी का तीखा तंज, बोले- ट्रस्ट में एक मुसलमान को मेम्बर बना लेते..घोटाला सामने आता…एनकाउंटर होता, फिर केस क्लोज.. - June 30, 2026
- कानपुर में फर्जी डिग्री और मार्कशीट रैकेट का भंडाफोड़: 21 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन, तीन गिरफ्तार - June 30, 2026
- राम मंदिर चढ़ावा मामला: बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा- राजनीति न करें, अन्य प्रसिद्ध मंदिरों की तरह लागू हो पारदर्शी व्यवस्था - June 30, 2026