Agra News: काम नहीं तो वेतन नहीं! टीकाकरण और आयुष्मान कार्ड में सुस्ती पर जिलाधिकारी ने जताई नाराजगी

स्थानीय समाचार

आगरा: जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत टीवी मुक्त अभियान के अंतर्गत सेंट्रल टीवी यूनिट आगरा ईस्ट के 50 टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरण से हुई। यह पोषण पोटली समाजसेवी एवं निश्चय मित्र समाना कैटर्स, आगरा के सौजन्य से उपलब्ध कराई गई। पोटली में चना, दाल, सोयाबीन, दलिया, मूंगफली, सत्तू, प्रोटीन पाउडर सहित अन्य पोषक सामग्री शामिल रही, जो दवा के साथ सेवन करने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक है।

बैठक में पिछली जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि अप्रैल से अब तक संस्थागत प्रसव न कराने वाली 191 आशाओं को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे। जिन आशाओं के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए या जिन्होंने अब तक कोई संस्थागत प्रसव नहीं कराया है, उन्हें ग्राम पंचायत के माध्यम से प्रस्ताव पारित कर हटाने के निर्देश प्रतिभा सिंह ने दिए।

टीकाकरण की समीक्षा में जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन ब्लॉकों एवं शहरी इकाइयों में टीकाकरण की प्रगति धीमी है, वहां के चिकित्सा अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

आयुष्मान कार्ड की समीक्षा के दौरान आगरा शहरी क्षेत्र में धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और शहरी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में बताया गया कि योजना के अंतर्गत कराए गए संस्थागत प्रसवों का 90 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शेष भुगतान शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। मातृ मृत्यु की समीक्षा में दिसंबर माह में दो मामलों की पुष्टि हुई, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित कारणों की केस स्टडी, जांच तथा नियमित टीकाकरण के शत-प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने के निर्देश दिए। साथ ही गर्भवती महिलाओं की मॉनिटरिंग, हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान और पीएमएसएमए रिपोर्ट की समीक्षा कर सभी गर्भवती महिलाओं को कवर करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सभी सीएचसी एवं पीएचसी परिसरों में साफ-सफाई, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, दस्तावेजीकरण एवं रजिस्टरों के सुव्यवस्थित रख-रखाव पर भी जोर दिया गया।

इस अवसर पर डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता, डॉ. अमित रावत, डॉ. प्रमोद कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति, डॉ. उपेंद्र, डॉ. ऋषि गोपाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एचएम कुलदीप भारद्वाज सहित सभी ब्लॉकों के चिकित्सा अधीक्षक, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, यूनिसेफ, डब्ल्यूएचओ तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh