आगरा: ताजमहल और उसके आसपास बंदरों का आतंक है। ताजमहल को निहारने आने वाले पर्यटकों को भी बंदर कई बार अपना निशाना बना चुके हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए आगरा नगर निगम ने वन विभाग के साथ मिलकर प्लान तैयार किया और इसके लिए एक एनजीओ को हायर किया। जो बंदरों को पकड़कर उनकी नसबंदी करेगी जिससे उनकी संख्या में बढ़ोत्तरी ना हो।
लेकिन बंदरों को पकड़ने वाली संस्था और नगर निगम की लापरवाही सामने आ रही है। एक ही पिंजरे में बंदरों को ठूस ठूस कर भरा जा रहा है जिसके चलते बंदरों की मौत हो रही है। ताजा मामला ताजमहल क्षेत्र से ही जुड़ा हुआ है, जहां बंदरों को पकड़ने के दौरान एक ही पिंजरे में कई बंदरों को डाल दिया गया। उसमें खूंखार बंदरों ने कई बंदरों के बच्चों को अपना निशाना बनाया।
बंदरों के साथ अमानवीय व्यवहार की सूचना मिलती ही विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जमकर हंगामा काटा। एक ही पिंजरे में बंदरों को ठूस ठूस कर भारे जाने और बंदरों की पिंजरों में मौत होने पर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। उन्होंने इस संबंध में निगम के अधिकारियों से वार्ता की लेकिन उन्होंने कोई संतोष जनक जवाब नहीं दिया और कह दिया गया कि इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से करें।
विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह बंदरो के साथ क्रूरता है जिस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब आपके पास व्यवस्थाएं नहीं है बंदरों को पकड़ने के लिए तो व्यवस्था करने के बाद पकड़ें। कम से कम बंदरो की मौत तो नहीं होगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और एनजीओ पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज कराने की बात कही।
मौके पर मौजूद महिलाओं ने बताया कि एक टीम बंदरों को पकड़ रही है लेकिन उनके साथ क्रूरता भी की जा रही है। एक ही पिंजरे में बहुत सारे बंदरों को पड़कर बंद कर दिया गया है जिसमें बंदरों के बच्चे भी शामिल हैं। इन बच्चों की नसबंदी कैसे हो सकती है। पिंजरे में मौजूद खूंखार बंदर छोटे-छोटे बंदरों को अपना निशाना बना रहे हैं जिसके चलते कई बंदरों की मौत भी हो गई। इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
- राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका हाई कोर्ट ने की खारिज, ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर सके याचिकाकर्ता - September 3, 2026
- बसपा सुप्रीमो मायावती का बड़ा राजनीतिक फैसला, कहा – आकाश आनंद अभी मैच्योर नहीं हुए हैं, उन्हें परिपक्व होने की जरूरत है… - September 3, 2026
- बसपा सुप्रीमो मायावती का बड़ा राजनीतिक फैसला, कहा – आकाश आनंद अभी मैच्योर नहीं हुए हैं, उन्हें परिपक्व होने की जरूरत है… - September 3, 2026