उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में बकाया राजस्व की वसूली को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लगभग 8.65 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बकाये की वसूली को लेकर तहसील सदर प्रशासन ने उप आवास एवं विकास परिषद के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) सूरजपाल सिंह के मुख्य कार्यालय समेत कुल आठ चैंबरों को सील कर दिया।
बताया जा रहा है कि विभाग की ओर से लंबे समय से बकाया भुगतान नहीं किए जाने के कारण कुल 29 आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी की जा चुकी थीं, इसके बावजूद जब बकाया राशि जमा नहीं कराई गई, तब जाकर यह सख्त कदम उठाया गया। शनिवार को जब तहसील की टीम कुर्की के आदेश लेकर मौके पर पहुंची, तो वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक और विवाद की स्थिति भी पैदा हो गई। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी सख्ती दिखाते हुए सभी कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर खदेड़ दिया और सीलिंग की कार्रवाई को सफलतापूर्वक पूरा किया।
आरसी जारी होने के बावजूद नहीं हुआ भुगतान
विभागीय सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से चले आ रहे इस वित्तीय बकाये को चुकाने के लिए तहसील प्रशासन की ओर से कई बार निर्देश दिए गए थे और कुल 29 आरसी जारी की गई थीं। इसके बावजूद उप आवास एवं विकास परिषद की ओर से निर्धारित बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया। लगातार टालमटोल रवैये को देखते हुए तहसील प्रशासन ने नियमानुसार कुर्की के आदेश जारी किए।
इसी क्रम में शनिवार की दोपहर तहसील सदर की टीम पुलिस बल के साथ संबंधित कार्यालय पर जा पहुंची। टीम ने सबसे पहले बकाया राशि और जारी आरसी से जुड़े सभी प्रशासनिक दस्तावेजों की गहन जांच की। इसके बाद कार्यालय और उससे जुड़े कुल आठ चैंबरों को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जैसे ही इस कार्रवाई की भनक कार्यालय के कर्मचारियों को लगी, वहां भारी भीड़ जमा हो गई।
सीलिंग के दौरान हुआ विरोध और विवाद
कार्यालय को सील किए जाने की कार्रवाई के दौरान परिषद के कर्मचारियों और तहसील की टीम के बीच जमकर विरोध देखने को मिला। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और कहासुनी होने के कारण मौके पर कुछ देर के लिए काफी तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालांकि, प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों ने अपनी कार्रवाई में कोई ढील न देते हुए पूरी सख्ती बरती और सभी कर्मचारियों को कार्यालय परिसर से बाहर कर दिया। इसके बाद ताले डालकर सीलिंग की पूरी प्रक्रिया को कानूनी रूप से पूरा किया गया।
सील चैंबरों में कैद हैं 500 से अधिक फाइलें
इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल सील किए गए कमरों और उनमें रखी फाइलों को लेकर खड़ा हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार, जिन आठ चैंबरों को सील किया गया है, उनके अंदर 500 से अधिक महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज रखे हुए हैं। कार्यालय पूरी तरह सील होने के कारण अब इन फाइलों तक विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों की पहुंच पूरी तरह बाधित हो गई है। इन फाइलों में विभिन्न योजनाओं, विभागीय कार्यों और अन्य महत्वपूर्ण मामलों से जुड़े बेशकीमती अभिलेख मौजूद होने की बात सामने आ रही है।
तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई को बकाया वसूली के मामलों में अब तक की सबसे बड़ी और कड़े संदेश वाली कार्रवाई माना जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि सरकारी धन और बकाये की वसूली के लिए जारी आरसी की अवहेलना करने वालों के खिलाफ इसी तरह के सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।
इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद उप आवास एवं विकास परिषद के महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग जल्द से जल्द बकाया राशि का भुगतान कर अपने सील किए गए कार्यालय को खुलवाने के लिए क्या कदम उठाता है।
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