उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप और फर्जी चिकित्सकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में आगरा के टीन का नगला क्षेत्र में संचालित एक तथाकथित ‘बंगाली क्लीनिक’ के संचालक पर बिना किसी वैध चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का अवैध रूप से इलाज करने का गंभीर मामला सामने आया है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में संचालक को मौके पर चिकित्सा कार्य करते हुए पाया गया था। हैरानी की बात यह है कि विभाग की ओर से स्पष्ट नोटिस और चेतावनी जारी किए जाने के बाद भी संचालक ने अपनी अवैध प्रैक्टिस बंद नहीं की, जिसके बाद अब स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक शिकायत पर थाना एकता में ‘राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम’ (National Medical Commission Act) के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी जांच शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण में हुआ खुलासा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग को लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि टीन का नगला स्थित इस ‘बंगाली क्लीनिक’ के संचालक द्वारा बिना किसी आधिकारिक एवं वैध चिकित्सकीय डिग्री के मासूम और भोले-भाले मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम ने औचक रूप से उक्त क्लीनिक का निरीक्षण किया। जांच-पड़ताल के दौरान संचालक क्लीनिक के भीतर मरीजों का उपचार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के मुताबिक, निरीक्षण के तुरंत बाद आरोपी संचालक को नियमानुसार एक औपचारिक नोटिस जारी किया गया था। उसे कड़ी चेतावनी दी गई थी कि वह बिना किसी वैध चिकित्सकीय योग्यता के अस्पताल या क्लीनिक में किसी भी प्रकार का चिकित्सा कार्य न करे। इसके बावजूद, आरोप है कि संचालक ने नियमों को ठेंगा दिखाते हुए अपनी अवैध प्रैक्टिस को बंद नहीं किया और क्लीनिक में धड़ल्ले से मरीजों का इलाज जारी रखा।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम के तहत मुकदमा
विभाग के आदेशों और चेतावनियों की लगातार हो रही अवहेलना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। इसके बाद विभाग की ओर से थाना एकता में लिखित शिकायत दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्लीनिक संचालक के खिलाफ राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने शुरू की दस्तावेजों और डिग्रियों की पड़ताल
मुकदमा दर्ज होने के बाद एकता थाना पुलिस ने इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए अपनी जांच तेज कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी क्लीनिक संचालक के पास आखिरकार कौन-कौन से दस्तावेज हैं। पुलिस उसकी तथाकथित शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय योग्यताओं की डिग्रियों, क्लीनिक के पंजीकरण से संबंधित कागजातों और स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती जांच रिपोर्ट समेत तमाम डिजिटल व भौतिक अभिलेखों की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आगे की कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की इस सख्त कार्रवाई के बाद से शहर के अन्य हिस्सों में बिना पंजीकरण या बिना वैध डिग्री के धड़ल्ले से चलाए जा रहे ऐसे फर्जी क्लीनिक संचालकों में भी भारी हड़कंप मच गया है।
- नाम के साथ ‘था’ नहीं, ‘थे’ बनकर जिएं…आगरा में ‘वंडरफुल जैनिज्म-6’ का आयोजन, मुनिश्री समत्व सागर महाराज ने युवाओं को दिए जीवन-मूल्यों के संस्कार - August 23, 2026
- वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा और संस्कार का अलख जगा रहे आगरा के भामाशाह: वनबंधु परिषद द्वारा आयोजित समारोह में हुए सम्मानित - August 23, 2026
- आगरा के इस्कॉन मंदिर में धूमधाम से मनाया गया झूलन महोत्सव: मोगरे के फूलों और प्राकृतिक झूले में विराजे राधा-कृष्ण - August 23, 2026